अविनाश एक रेस्टोरेन्ट में डिम्पी का इंतजार कर रहा था। जब डिम्पी आई, तो उन्होंने बैठने के लिए कहा। अविनाश ने अपने मैनेजर को बाहर इंतजार करने के लिए कहा और फिर डिम्पी से बातचीत शुरू की। उन्होंने चाय या कॉफी के बारे में पूछा, और फिर अविनाश ने एक लड़की के बारे में जानने की इच्छा जताई, जिसका नाम पारुल था। डिम्पी ने चौंकते हुए पूछा कि अविनाश को पारुल से क्या काम है। अविनाश ने बताया कि उनके बीच कुछ अधूरा था और वह उसकी जानकारी चाहता था। डिम्पी ने बताया कि वह पारुल को जानती है और उसे अपने बॉयफ्रेंड की भी चिंता है। अविनाश ने बताया कि उसने पारुल का संपर्क खो दिया है। डिम्पी ने अंततः पारुल का नंबर देने का वादा किया, लेकिन कहा कि वह अब उसकी दोस्त नहीं है क्योंकि वे हाई स्कूल के बाद अलग हो गए थे। अविनाश ने कहा कि दोस्ती में "ब्रेकअप" नहीं होता। डिम्पी ने अविनाश को एक आखिरी मौका देने का फैसला किया, लेकिन चेतावनी दी कि अगर वह इस मौके को खो देता है, तो वह कभी बात नहीं करेगी। अंत में, डिम्पी ने कहा कि उसे शॉपिंग के लिए जाना है और अलविदा कहा। अविनाश खुश था और पारुल की जानकारी चेक कर रहा था, तभी उसका मैनेजर आया और शेड्यूल के बारे में बात की। अविनाश ने कहा कि आज वह किसी भी काम के लिए तैयार है, क्योंकि उसकी हाँ समझी जा चुकी थी। अनजान रीश्ता - 12 Heena katariya द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 37.2k 9k Downloads 16.2k Views Writen by Heena katariya Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण अविनाश रेस्टोरेन्ट मे वेट कर रहा होता हैं की डिम्पी आती है और दोनों बैठ्ने ही वाले होते हैं कि अविनाश मैंनेजर को बहार वैट करने के लिए कहता है और वह डिम्पी की और देखता हैं और मुस्कुराते हुये बात की शुरुआत करता है अविनाश: so tea or coffee डिम्पी: coffee अविनाश: okayडिम्पी: now tell me the reason अविनाश: what are you talking about डिम्पी: ज्यादा भोले ना बनो तो बहतर है अविनाश: fine I wanted to know about someone डिम्पी: and what is the name of so called someone अविनाश: you know herrr...डिम्पी: wait a second are you talking about girl?अविनाश: yaa I'm डिम्पी: are you serious Novels अनजान रीश्ता पारुल और अविनाश दोनों के रास्ते एक हैं पर मन्ज़िल अलग हैं पारुल इक सामान्य मिड्ल क्लास फ़ैमीली से हैं तो अविनाश बहोत बडा सुपर स्टार हैं दोनों कि लाइफ़ मे... More Likes This दो धड़कनें, एक वादा - 1 द्वारा priyanshi bhuva रूह की धुन और जमी बर्फ पर घुलती रात द्वारा sukhvinder Singh Rai वो लड़की जो याद नहीं थी - 1 द्वारा priyanshi bhuva एक रात की दुल्हन - भाग 1 द्वारा gorangi दिल ने देर से चुना - 1 द्वारा priyanshi bhuva हीरो...! - 1 द्वारा InkImagination वर्जिनिटी - भाग 1 द्वारा Ritu jaiswal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी