सुधा की शादी को एक महीना ही हुआ था। एक दिन, घर लौटते समय उसने अपनी जेठानी और पड़ौसन की बातें सुनी, जिसमें उसकी जेठानी ने सुधा को काम न करने वाली और आलसी बताया। सुधा, जो ऑफिस से आने-जाने में थकी हुई थी, चुपचाप घर के कामों में जुट गई। सुधा की जेठानी कम पढ़ी-लिखी और झगड़ालू थी, जिससे घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। सुधा की सेहत बिगड़ने लगी, और उसके पति समीर दूसरे शहर में काम करते थे, जिससे वह अपने मायके भी नहीं जा पा रही थी। जब सुधा मायके गई, तो उसके माता-पिता ने उसे सलाह दी कि वह किसी से दबने न दे। समीर ने भी समझाया कि वह जितना हो सके काम करे और गलत बातों का विरोध करे। लेकिन सुधा आदर्श बहू बनने की कोशिश में लगी रही। जेठानी की ज्यादतियों ने बढ़ना जारी रखा, और एक दिन उन्होंने सुधा पर हाथ उठा दिया। यह सुधा की सहनशक्ति की सीमा थी, और उसने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। सुधा ने अपनी जेठानी को चेतावनी दी कि अगर वह उसे फिर से परेशान करेगी, तो वह पुलिस में शिकायत करेगी। परिवार के अन्य सदस्य सुधा के इस नए रूप को देखकर हैरान रह गए और सोचने लगे कि अगर वह शुरू में ही प्रतिरोध करती, तो शायद स्थिति इतनी खराब न होती। सुधा ने महसूस किया कि अगर परिवार ने उसका साथ दिया होता, तो हालात बेहतर हो सकते थे। अंततः, जिस शांति को बनाए रखने के लिए उसने इतना सहन किया, वह पल भर में समाप्त हो गई। गलती किसकी Anju Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 15.9k 2.6k Downloads 10.2k Views Writen by Anju Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जून की चिलचिलाती धूप में सुधा अभी घर के बाहर पहुँची ही थी कि उसे घर के अंदर से कुछ आवाजें सुनाई दीं । उसकी जेठानी और पड़ौसन बैठी उसी की बातें कर रही थीं । उसकी जेठानी कह रही थी – “अरे बहन क्या बताऊँ, नई देवरानी तो कुछ काम ही नहीं करती है । महारानी सुबह फैशन करके सात बजे निकल जाती है और शाम को सात बजे घर पधारती है । ये सुनते ही थकी हारी सुधा का मन मसोस कर रह गया । सुधा की शादी हुए अभी एक महीना ही हुआ था । उसका ऑफिस More Likes This हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar डायरी का वो आखरी पन्ना - 4 द्वारा Std Maurya कहानी में छुपी एक सन्देश - 1 द्वारा Std Maurya मेरे समाज में ऐसा क्यों होता हैं - भाग 1 द्वारा Std Maurya ऐसे ही क्यों होता हैं? - 1 द्वारा Std Maurya एक डिवोर्स ऐसा भी - 1 द्वारा Alka Aggarwal पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी