कहानी "परावर्तन" में एक चोर और जज के बीच के संवाद से शुरू होती है, जिसमें चोर अपनी मां को दोषी ठहराता है कि अगर मां उसे चोरी करने से रोकती, तो वह चोर नहीं बनता। यह कहानी प्रेरक को सुनाई जाती है, जो एक छोटे बच्चे के रूप में अपने जीवन के अनुभवों को समझने की कोशिश कर रहा है। प्रेरक एक सम्पन्न परिवार में पैदा हुआ है, जो अपने-अपने सपनों और स्वार्थों में उलझा हुआ है। उसके माता-पिता, सुजान और सुमुख, इंजीनियरिंग के विद्यार्थी हैं और अपने करियर पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। वे एक-दूसरे से भावनात्मक दूरी बना लेते हैं, खासकर जब सुजान यह बताती है कि वह पांच साल तक बच्चा नहीं चाहती। कहानी इस बात पर जोर देती है कि कैसे बचपन में दिए गए अनुभव और शिक्षा जीवन के निर्णयों को प्रभावित करते हैं, और यह भी दिखाती है कि परिवार में भावनात्मक जुड़ाव की कमी कैसे हो सकती है। प्रेरक अपनी जिज्ञासा और ऊर्जा के साथ अपने माता-पिता से जुड़ने की कोशिश करता है, लेकिन उन्हें उसके लिए समय नहीं है। परावर्तन Sushma Munindra द्वारा हिंदी लघुकथा 2.2k 2.5k Downloads 6.3k Views Writen by Sushma Munindra Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जज ने चोर को सजा सुनाई। चोर ने जज से कहा — साहब सजा मुझे नहीं मेरी मॉं को दो । मॉं ने बचपन में मुझे चोरी करने से रोका होता तो मैं चोर न बनता —— प्रेरक को यह कहानी सुजान ने सुनाई और सुमुख ने सुनाई। प्रेरक छोटा था। नहीं जानता था कहानी से प्रेरणा लेकर चरित्र बनाना चाहिये। सुजान और सुमुख बड़े थे। जानते थे ऐसी कहानियॉ चरित्र बनाने के लिये सुनाई जाती हैं कि बचपन में जेहन में बैठा दी गई बातें जीवन का निर्धारण और निष्कर्ष बनती हैं। उन्होंने कहानी सुना दी और प्रेरक को अपने तरीके से विकसित होने और समझ बनाने के लिये अकेला छोड़ दिया। More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी