संजना और राज का रिश्ता पिछले बाईस सालों में काफी बदल गया है। राज अपने काम में इतना व्यस्त है कि संजना को अकेलेपन का सामना करना पड़ता है। उनके बच्चे बड़े हो गए हैं और अपनी दुनिया में व्यस्त हैं, जिससे संजना को कोई साथी नहीं मिलता। ऐसे में, उसने रंजन नाम के एक फेसबुक दोस्त से संबंध बना लिया है, जो उसे लिखने के लिए प्रोत्साहित करता है। संजना और रंजन की दोस्ती गहरी होती जा रही है, और वे एक-दूसरे से अंतरंग बातें करने लगे हैं। हालांकि, संजना को इस दोस्ती के लिए guilt भी महसूस होता है, क्योंकि वह राज के प्रति बेवफाई का एहसास करती है। रंजन की पत्नी के प्रति संजना में ईर्ष्या भी पैदा होती है, खासकर जब उसे पता चलता है कि रंजन ने कभी अपनी पत्नी की तस्वीर सोशल मीडिया पर नहीं लगाई। संजना को यह सोचकर आश्चर्य होता है कि क्या रंजन को अपनी पत्नी की तस्वीर साझा करने में कोई आपत्ति है। तो Ankita Bhargava द्वारा हिंदी लघुकथा 38.8k 3k Downloads 6.7k Views Writen by Ankita Bhargava Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण संजना जब तक अपना नाश्ता लेकर आई राज ऑफिस के लिए निकल चुके थे, आज फिर संजना डाईनिंग टेबल पर अकेली बैठी प्लेट में चम्मच घुमा रही थी। उसे तो याद भी नहीं आता कितने दिन बीत गए उसे राज के साथ बैठ कर चाय पिए, फुरसत भरे पलों में बस यूं ही दो बातें किए हुए, अपना दुख सुख बांटे हुए। पिछले बाईस सालों में वक्त की सड़क पर चलते चलते संजना और राज का रिश्ता एक ऐसे मोड़ पर आ गया था कि दोनों नदी के किनारों की तरह हो कर रह गए थे। साथ चल तो रहे थे मगर दो घड़ी एकसाथ बैठ कर बात करने की फुरसत ना निकाल पाते। राज तो अपने बिज़नेस में व्यस्त रहते और संजना आलीशान बंगले में अकेलेपन से जूझती अपनी खीज नौकरों पर निकालती रहती। More Likes This खामोश बेटी - 1 द्वारा blue sky and purple ocean मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी