कहानी "ओ मरियम!" में लेखक मनीषा कुलश्रेष्ठ अपनी मां के अंतिम क्षणों की यादों को साझा करती हैं। मां की मृत्यु के समय, लेखक आइसीयू के बाहर बैठी होती हैं और मां को खाना खिलाती हैं। इस दौरान, वे अपनी मां से एक मुसलमान महिला का नाम पूछती हैं, जिससे मां की पुरानी यादें जुड़ी होती हैं। मां की मुस्कान और फुसफुसाते हुए उत्तर देने से यह स्पष्ट होता है कि वे अपनी यादों में खोई हुई हैं। कहानी में आगरा के अतीत की झलक भी मिलती है, जब मां की नई शादी हुई थी। वे नए परिवार के किस्से सुनाती हैं, जिनमें उनके पति के साथ हंसी-मजाक और छोटे-छोटे पल शामिल होते हैं, जैसे कि जलेबी छिपाना और दादाजी के पैर देखना। यह कहानी मां-बेटी के रिश्ते, यादों और पारिवारिक जीवन की मिठास को दर्शाती है। ओ मरियम ! Manisha Kulshreshtha द्वारा हिंदी लघुकथा 3.8k 1.8k Downloads 7.1k Views Writen by Manisha Kulshreshtha Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मां जा रहीं थीं, जिन बहुत सारी चीज़ों को विरासत में छोड़ कर, उनमें से एक गैरदुनियादार व्यक्ति होने के नाते, मेरे हाथ लगी थी केवल उनकी डायरी और लकड़ी के गोल मनकों की माला। मेरे पास उनके सुनाए ढेर सारे किस्से – ख़ज़ाने थे, जिन में से कुछ किस्से मैंने फिर बुने, कहानियों में. कुछ अनबुने स्मृति में ही उधड़ गए। ऐसा ही एक किस्सा उधड़ रहा था, मां जा रही थीं! More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी