पारुल एक बस में किसी की तस्वीर देखकर रुक जाती है, जिससे नैना उसे अपने विचारों से बाहर लाती है। पारुल गुस्सा हो जाती है और नैना उसकी स्थिति देखकर दुखी होती है। पारुल ख्वाबों में खोई रहती है और सोचती है कि जो व्यक्ति वह सोच रही है, वह खुश होगा। नैना उसकी मुस्कुराहट देखकर पूछती है कि वह मोबाइल में क्या देख रही है, जिससे पारुल फिर से दुखी हो जाती है। दूसरी ओर, अविनाश नशे में धुत होकर घर आता है और सो जाता है। उसके दोस्त उसकी हालत देखकर चिंतित होते हैं। अविनाश नींद में कहता है कि "मत जाओ, पारुल", जिससे उसके दोस्त रोहन को यह जानने की इच्छा होती है कि पारुल कौन है। पारुल और नैना कॉलेज पहुंचती हैं और जल्दी से असाइनमेंट सबमिट करती हैं। ब्रेक के दौरान, पारुल का मोबाइल पर एक संदेश आता है, जिसे देखकर उसका चेहरा उतर जाता है। नैना उसकी चिंता करती है, लेकिन पारुल अपने मन की बात नहीं बताती और वॉशरूम जाकर संदेश को पढ़ती है। जब वह वापस आती है तो नैना नहीं दिखाई देती। तभी वह समीर से टकराती है, जो कॉलेज ट्रस्टी का बेटा है और बिना बात किए निकल जाता है। घर पर, पारुल अपनी माँ का खाना खाने से मना कर देती है और अपने कमरे में चली जाती है। कहानी में पारुल की भावनाएं, अविनाश की दुखद स्थिति और नैना की चिंता को दर्शाया गया है, और अगले अध्याय में संदेश भेजने वाले का खुलासा होगा। अनजान रीश्ता - 2 Heena katariya द्वारा हिंदी प्रेम कथाएँ 136.5k 24.5k Downloads 32.2k Views Writen by Heena katariya Category प्रेम कथाएँ पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण पारुल उसकी तसवीर बस मे देखकर वहि रुक जाती हे तभी नैना उसे फ़िर से अपने विचार से बहार ले आती हे और एसे देखकर वह गुस्सा हो जाती हे और उसके एसे उखडे हुए देखकर वह दुखी हो जाती हे जेसे हि पारुल को कुछ पुछ्ने हि वलि थी कि परुल फ़िर से सोन्ग सुन्ते हुये खवाबो कि दुनिया मे जा चुकि थि वह आश्मान कि ओर देखकर मुस्कुरा रही थी और मन हि मन सोच रही थी कि वो खुश होगा जहा भि होगापारुल बस उसे देख हि रहि थि कि नैना उसे पुछती हैं कि वो मोबाइल Novels अनजान रीश्ता पारुल और अविनाश दोनों के रास्ते एक हैं पर मन्ज़िल अलग हैं पारुल इक सामान्य मिड्ल क्लास फ़ैमीली से हैं तो अविनाश बहोत बडा सुपर स्टार हैं दोनों कि लाइफ़ मे... More Likes This एकतरफा प्यार है ये - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri पहली मुलाकात डेविल से प्यार - 1 द्वारा goldi तुमसे मिलकर लगा... - भाग 1 द्वारा PRINCE खामोशी की छांव में - भाग 1 द्वारा mahendr Kachariya तुम मिले, जब मैं खुद से बिछड़ गई - 1 द्वारा Khwaab ध्रुव की तारा - भाग 1 द्वारा Anamika सौभाग्याची शपथ - भाग 4 द्वारा jayesh zomate अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी