"भूख से लड़ाई" कहानी में लेखक आर0 के0 लाल अपने पिता के साथ गाँव जाते हैं, जहाँ उनके ताऊजी बड़े किसान हैं। वहाँ लंच के समय सभी लोग एकत्रित होते हैं और खाने के बाद लेखक देखते हैं कि ताऊजी ने अपनी थाली में कुछ भी नहीं छोड़ा, जबकि अन्य लोग कुछ न कुछ छोड़ देते हैं। ताऊजी बच्चों को समझाते हैं कि अन्न देवता हैं और उनकी बर्बादी नहीं करनी चाहिए। वे बताते हैं कि बहुत मेहनत से अन्न मिलता है और कई लोग भूखे सोते हैं। पिता बताते हैं कि विश्व खाद्य संगठन के अनुसार हर साल बहुत बड़ा मात्रा में खाद्यान्न बर्बाद होता है और भारत में भी बड़ी संख्या में लोग भरपेट खाना नहीं पाते। अंत में चाचा अपनी बात रखते हैं कि एक आयोजन में बहुत सारे व्यंजन थे, लेकिन लोग खाने पर टूट पड़े, जिससे यह समझ में आता है कि लोग खाने की कद्र नहीं करते। कहानी भूख और खाद्यान्न की बर्बादी पर प्रकाश डालती है और इस पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। भूख से लड़ाई r k lal द्वारा हिंदी लघुकथा 49k 3.3k Downloads 11.9k Views Writen by r k lal Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण भूख से लड़ाई आर0 के0 लाल पिछली छुट्टी में हम अपने पापा के साथ उनके गांव गए, जहां उनके बड़े ताऊजी रहते हैं। उनका अच्छा खासा बड़ा मकान था और लगभग पच्चीस बीघे खेत। वे बड़े किसान माने जाते थे। ल More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी