गांव की बूढ़ी दादी माँ एक छोटे से घर में रहती थीं, जिसे झोपड़ी कहना ज्यादा उचित होगा। वे 70-75 साल की थीं और पूरी तरह अकेली थीं। उनका परिवार था, लेकिन एक बाढ़ ने सब कुछ छीन लिया। उस दिन वे रिश्तेदार के घर गई थीं और उनकी अनुपस्थिति में बाढ़ ने नातियों को उनसे दूर कर दिया। बाद में, उन्होंने गांव वालों को अपना परिवार मान लिया और गांव वाले भी उन्हें अपना मानने लगे। वे सभी उत्सवों में शामिल होती थीं और बच्चों को कहानियाँ सुनाकर खुश रखती थीं। लेकिन जब दादी माँ बीमार होने लगीं, तो धीरे-धीरे लोग उनसे कटने लगे। जब दादी माँ की जरूरत थी, तब लोग उनके पास आते थे, लेकिन बीमारी के कारण वे अकेली और उदास हो गईं। अंततः, उन्होंने नदी किनारे रहकर भी पानी के लिए तरसते हुए दम तोड़ दिया। उनकी मृत्यु के बाद, गांव में कुछ ही लोग आए और कुछ आंसू गिराए, लेकिन जल्दी ही सब अपनी-अपनी ज़िंदगी में लौट गए। इस कहानी से यह संदेश मिलता है कि जब तक हम जीवित रहते हैं, तब तक लोग हमारे साथ होते हैं, लेकिन जैसे ही हम चले जाते हैं, हम भूत बन जाते हैं और कोई भी हमें याद नहीं करता। और वह मर गयी Nirpendra Kumar Sharma द्वारा हिंदी सामाजिक कहानियां 28.4k 3.4k Downloads 14.2k Views Writen by Nirpendra Kumar Sharma Category सामाजिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण नदी किनारे गांव के एक छोर पर एक छोटे से घर में रहती थी गांव की बूढी दादी माँ। घर क्या था ,उसे बस एक झोंपडी कहना ही उचित होगा। गांव की दादी माँ, जी हां पूरा गांव ही यही संबोधन देता था उन्हें। नाम तो शायद ही किसी को याद हो। 70/75 बरस की नितान्त अकेली अपनी ही धुन में मगन। कहते हैं पूरा परिवार था उनका नाती पोते बाली थीं वो। लेकिन एक काल कलुषित वर्षा की अशुभ!! रात की नदी की बाढ़ ,,, उनका सब समां ले गई अपने उफान में । उसदिन सौभाग्य कहो या दुर्भाग्य More Likes This धर्मराज की सभा - 1 द्वारा prem chand hembram खोटा सिक्का - 1 द्वारा prem chand hembram कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 1 द्वारा miss k सूर्यकुल का सूर्यास्त - 1 द्वारा ALLA NOOR KHAN मुक्त - भाग 13 द्वारा Neeraj Sharma मांई के मांई द्वारा Anant Dhish Aman हंटर - 2 द्वारा Ram Make अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी