कहानी में प्रसाद जी ने शंकर सर की दबंगई का राज खोला है, जिसमें उन्होंने बताया कि शंकर सर को इतना बड़ा छोकड़ीबाज बनाने में संपादक जी का हाथ है। शंकर सर और संपादक जी के बीच का पुराना दोस्ताना रिश्ता लोगों के लिए अनजान था। प्रसाद जी ने उल्लेख किया कि शंकर सर ने खुद अपनी बातें साझा की थीं, जिसमें बताया गया कि लड़कियों को स्टाफ के तौर पर टापने का शौक उन्हें संपादक जी से मिला था। एक दिन, जब शंकर सर संपादक जी के कक्ष में थे, तो उन्होंने एक मालदार लड़की के बारे में बात की जो पत्रकारिता में रुचि रखने के बावजूद जॉइन नहीं कर रही थी। संपादक जी ने शंकर सर को सुझाव दिया कि उन्हें उस लड़की को पटाने के लिए प्रयास करना चाहिए। यह सब बातें शंकर सर को हक्का-बक्का कर देती हैं, लेकिन इसके बाद वह निडर होकर काम करने लगते हैं। कहानी में यह भी बताया गया है कि शंकर सर के जाने के बाद संपादक जी का पद खत्म हो गया, पर उनके संबंध और प्रभाव अभी भी बने रहे। सिन्हा जी ने सुझाव दिया कि पत्रकारों से शुचिता की अपेक्षा करने से पहले संपादकों को एक लकीर खींचनी होगी। काश आप कमीने होते ! - 7 uma (umanath lal das) द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 6.9k 3.4k Downloads 8.5k Views Writen by uma (umanath lal das) Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रसाद जी ने एक विद्यालय संचालक शकर सर की दबंगई का राज खोलते हुए कहा- जानते हैं शंकर सर को इतना बड़ा छोकड़ीबाज बनाने में इन्हीं संपादक जी का हाथ है ! आपमें से बहुत कम लोग जानते हैं कि संपादक जी और शंकर सर लंगोटिया यार रह चुके हैं। सभी अवाक्। इतने दिनों यहां की पत्रकारिता में माथा खपा दी, पर राजधानी में बैठे संपादक जी के साथ यहां के शंकर सर के इस रिश्ते को कोई नहीं जान सका। प्रसाद जी ने कहा, यह तो शंकर सर की साफगोई है कि उन्होंने यह सारा प्रकरण खुद मुझसे सुनाया है। Novels काश आप कमीने होते ! पाठकों की आश्वस्ति के लिए मैं यह हलफनामा नहीं दे सकता कि कहानी के पात्र, घटनाक्रम, स्थान आदि काल्पनिक हैं। किसी भी तरह के मेल को मैं स्थितियों का संयो... More Likes This वो रात जब सब बदल गया - 1 द्वारा Ishaaa LAST STAGE - 1 द्वारा Muhib Khan K Pop मेरा पति - 1 द्वारा shreya उम्मीदों की छाँव - अध्याय 1 द्वारा mahendr Kachariya कोहरे का पुराना पुल और अंदर की आवाज - भाग 2 द्वारा Vishakha Pareek SHADOW'S WORLD - CHAPTER 1 द्वारा Ansul Fouzdar कालचक्रः धुंध में छुपा सच - 1 द्वारा Avinash अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी