यह कहानी दो मित्रों के बीच भक्ति रस और श्रृंगार रस के विषय में मतभेद को दर्शाती है। एक मित्र भक्ति रस का उपासक है, जबकि दूसरा श्रृंगार रस का। एक शाम, जब वे कार से घर लौट रहे होते हैं, तो सड़क पर तीन युवतियों को देखते हैं जो पश्चिमी परिधान में हैं। ड्राइवर मित्र युवतियों की खूबसूरती की प्रशंसा करता है, जबकि दूसरा मित्र, जो काली भक्त है, इसका विरोध करता है। उनकी बातचीत में कला और सुंदरता की सराहना के साथ-साथ मर्यादा का भी महत्व उभरता है। ड्राइवर मित्र कालिदास की नजरों की तरह खूबसूरती को सराहता है, जबकि काली भक्त का मानना है कि सब कुछ स्वीकार्य होना चाहिए, लेकिन मर्यादा के भीतर। दोनों मित्रों का यह संवाद उनके दृष्टिकोण और जीवन के मूल्यों के बीच के द्वंद्व को स्पष्ट करता है। श्रृंगार भक्त Ajay Amitabh Suman द्वारा हिंदी लघुकथा 2.8k 1.4k Downloads 5.3k Views Writen by Ajay Amitabh Suman Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण (१) श्रृंगार रस इस कथा के दो पात्र है . एक भक्ति रस का उपासक तो दूजा श्रृंगार रस का उपासक है. दोनों के बीच द्वंद्व का होना लाजिमी है. ये कथा भक्ति रस के उपासक और श्रृंगार रस के उपासक मित्रों के बीच विवाद को दिखाते हुए लिखा गया है.ऑफिस से काम निपटा के दो मित्र कार से घर की ओर जा रहे थे More Likes This कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी