गुलाल कहानी होली के उत्सव के दौरान की है, जहां सोसाइटी के लोग रंगों में रंगे हुए हैं और खुशियाँ मना रहे हैं। इस माहौल में एक 68 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति उदास खड़े हैं, जबकि अन्य लोग आनंद में हैं। एक लेखक उनकी उदासी को देखता है और उनसे बातचीत करने की कोशिश करता है। बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने एक समय में भौतिक विज्ञान के अध्यापक के रूप में काम किया था और उनकी पत्नी, रतना, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। उनके दोनों बेटे अब विदेश में बस गए हैं और उन्होंने अपनी माँ की याद नहीं रखी। बुजुर्ग की अकेलापन और उनके परिवार के साथ टूटते रिश्तों की कहानी सुनकर लेखक को उनकी पीड़ा का एहसास होता है। यह कहानी रिश्तों, अकेलेपन और भावनाओं की गहराई को दर्शाती है। गुलाल Avinash Sharma द्वारा हिंदी लघुकथा 10.7k 1.8k Downloads 9.5k Views Writen by Avinash Sharma Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण गुलाल सुबह से ही पूरी सोसाईटी होली के रंग में रंगने लगी थी कहीं पानी में घुले हुए रंग की टंकिया रखी थी तो कहीं बच्चों ने पिचकारियां भर रखी थी जैसे कोई सैनिक चौकन्ना हो कि दुश्मन किसी भी समय हमला कर सकता है आसपास गुझियों की स्टाल लगाई गयी थी वहीं किसी कोने में हरी पत्तियाँ घोंटी जा More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी