विशंभर दयाल ने अपने बेटे की शादी के 8 साल बाद जुड़वा grandchildren का जन्म होने पर अपनी नौकरी छोड़कर उनकी मदद करने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने बेटा-बहू की जिम्मेदारियों को साझा करने के लिए उनके घर जाकर बच्चों की देखभाल की। बहू जब स्वस्थ होकर काम पर जाने लगी, तो विशंभर दयाल ने बच्चों का पालन-पोषण पूरी मेहनत और प्यार से किया। हालाँकि, एक दिन उन्होंने अपनी बहू को यह कहते हुए सुना कि वे अब उनकी देखभाल नहीं कर सकतीं और उन्हें अपने घर वापस जाना चाहिए। यह सुनकर विशंभर दयाल के दिल को गहरी चोट पहुँची और उन्होंने महसूस किया कि वे यहाँ ज़रूरत से ज्यादा हो गए हैं। उन्होंने तुरंत निर्णय लिया कि अब उनके बेटे और बहू खुद जिम्मेदारी ले सकते हैं, इसलिए उन्होंने अपना सामान पैक किया और घर लौटने का फैसला किया। सलीब Namita Gupta द्वारा हिंदी लघुकथा 15.6k 2.5k Downloads 10.1k Views Writen by Namita Gupta Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण विशंभर दयाल के बड़े बेटे की शादी के 8 साल के बाद जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ तो उन्होंने सोचा की बहू - को इतने वर्षों के बाद जुडवाँ बच्चों का जन्म हुआ है तो वह दोनों लोग अपने बच्चों को कैसे सभालेगे । मैं उनके पास चला जाता हूं जिससे उनको थोड़ा सहयोग मिल जाएगा , क्योंकि दोनों ही जॉब करते हैं । बहू कैसे घर औंर नौकरी दोनों जिम्मेदारी को कैसे संभाल पाएगी ,? उन्होंने अपनी नौकरी को त्यागपत्र देकर बेटा बहू के कहने पर उनके घर चले आए और More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी