शिखा की आँखें बर्तन गिरने की आवाज़ से खुलती हैं और वह जल्दी से उठकर रसोई की रस्म, हलवा-पूरी बनाने के लिए तैयार होने लगती है। उसे अपनी माँ और दादी की बातें याद आती हैं, जो उसे ससुराल में सावधान रहने की सलाह देती थीं। हड़बड़ी में वह तैयार होकर रसोई में पहुँचती है, जहाँ उसकी सासु माँ उसे प्यार से समझाती हैं कि नई जगह पर डरी नहीं होनी चाहिए। सासु माँ उसे हलवे की कढ़ाई देती हैं और कहती हैं कि उसे अभी से किचन का काम नहीं करना है, बल्कि मुस्कुरा कर रस्म निभाना है। इस पर शिखा की आँखों में आँसू आ जाते हैं और वह सासु माँ के गले लग जाती है, जिससे सासु माँ भी भावुक हो जाती हैं। रस्म Anita Lalit द्वारा हिंदी लघुकथा 31.1k 1.8k Downloads 7.6k Views Writen by Anita Lalit Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बर्तन गिरने की आवाज़ से शिखा की आँख खुल गयी। घडी देखी तो आठ बज रहे थे , वह हड़बड़ा कर उठी। "उफ़्फ़ ! मम्मी जी ने कहा था कल सुबह जल्दी उठना है , 'रसोई' की रस्म करनी है, हलवा-पूरी बनाना है... और मैं हूँ कि सोती ही रह गयी। अब क्या होगा...! पता नहीं, मम्मी जी-डैडी जी क्या सोचेंगे, कहीं मम्मी जी गुस्सा न हो जाएँ। हे भगवान!" उसे रोना आ रहा था। 'ससुराल' और 'सास' नाम का हौवा उसे बुरी तरह डरा रहा था। कहा था दादी ने- ''ससुराल है, ज़रा संभल कर रहना। किसी को कुछ कहने More Likes This पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी