रामेश कुमार एक नेक इंसान था, जो अपनी छोटी सी खेती और परिवार के साथ खुशहाल जीवन जीता था। एक दिन, जब वह अपने खेतों में था, एक अजनबी पानी पीने के लिए रुका और अपना बैग वहीं छोड़ दिया। रामेश ने बैग खोला और देखा कि उसमें बहुत से पैसे थे। उसने बैग को नलकूप के कमरे में रख दिया और बाद में अजनबी के लौटने पर उसे बैग वापस कर दिया। अजनबी ने देखा कि बैग में पैसे हैं और रामेश की ईमानदारी की सराहना की। रामेश ने कहा कि यह बैग अजनबी का है और उसे वापस करना उसका कर्तव्य था। इस तरह, रामेश ने अपने नेक स्वभाव का परिचय दिया। नियत Sonu Kasana द्वारा हिंदी लघुकथा 10.2k 2.7k Downloads 12.9k Views Writen by Sonu Kasana Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कई बार हमारे सामने ऐसी घटनाएें घटती हैं कि हमे अपनी आँखों पर यकीन नही होता। ऐसी ही एक घटना का वर्णन । जो सोचने पर मजबूर करती है। . . . . . ,. . . . . More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी