यह कहानी मारिया के बारे में है, जो हर रविवार सुबह चर्च जाती है। वह सुबह जल्दी उठती है, इसके लिए उसे अलार्म लगाना पड़ता है। चर्च में उसे सुकून मिलता है। एक दिन, चर्च जाते समय वह अपने दोस्त जॉनी से मिलती है, जो उसके टीचर भी हैं। दोनों के बीच दोस्ती बढ़ती है और जॉनी चर्च आने लगा है। मारिया को यह अच्छा लगता है कि जॉनी उसकी वजह से चर्च आ रहा है। कहानी में मारिया की सुंदरता, उसकी नेक सोच और उसके परिवार की चिंता का भी उल्लेख है। उसकी माँ को उसके भविष्य की चिंता है, खासकर शादी के बारे में। कहानी में मारिया और जॉनी के बीच की बढ़ती मित्रता को दर्शाया गया है, जो चर्च में एक साथ बेंच पर बैठकर प्रार्थना करते हैं। अचानक Vrishali Gotkhindikar द्वारा हिंदी लघुकथा 11k 1.8k Downloads 6.1k Views Writen by Vrishali Gotkhindikar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण जिंदगी का सफ़र बड़ा ही अजीब होता है कभी कभी हम सोचते कुछ है और हकीकत में कुछ और ही होता है एक जवान लड़की जिसके कुछ अरमान थे ,सपने थे ..लगता था की अब सब कुछ अच्छा चल रहा है ,अचानक जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आता है की उसका सब तितर बितर हो जाता है और खुली आखोसे उसे उसका सपना टूटता हुआ देखना पड़ता है More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी