इस कहानी में इकबाल नाम का एक व्यक्ति है जो अकेले एक शहर में रहता है और बैंक में काम करता है। वह हर बुधवार रात को अपने पसंदीदा रेडियो प्रोग्राम "दिल से दिल की राह" सुनता है, जिसे शीरीन नाम की एक मीठी आवाज़ वाली एंकर पेश करती है। इकबाल शीरीन की आवाज़ का दीवाना हो गया है और सोचता है कि वह उसे एक बार मिलना चाहता है। एक रात, प्रोग्राम के खत्म होने के बाद, इकबाल ने शीरीन के फेसबुक पेज पर जाकर उसका फोन नंबर पाया। वह यह सोचकर परेशान होता है कि क्या उसे कॉल करना चाहिए। अंत में, उसकी जिज्ञासा उसे रोक नहीं पाती और वह फोन मिलाता है, जबकि उसके दिल की धड़कनें बढ़ जाती हैं। शीरीन Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 33.3k 1.9k Downloads 5.1k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण इकबाल तुमने मेरी खूबसूरत आवाज़ के आधार पर मेरे सुंदर चेहरे की कल्पना की थी। उसे ही मन में बसाए हुए इतने दिनों तक मुझसे बात करते रहे। तुम्हारी दोस्ती भी उसी काल्पनिक सुंदर चेहरे से थी। लेकिन आज मेरा असली चेहरा देख कर तुमने मुंह फेर लिया। यह कह कर शीरीन चली गई। More Likes This चुन्नू और मुन्नू - एक खट्टी-मीठी दोस्ती ( भाग -1) द्वारा Vishakha Pareek जग्गू - द डिटैक्टिव - 1 द्वारा Rakesh Kumar Sharma आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी