यह कहानी भावना और उसकी माँ के बारे में है, जो अम्मा की बीमारी के कारण घर के कामों को लेकर चिंतित हैं। भावना हॉस्टल से छुट्टियों में आई है और अम्मा की देर से आने की वजह से परेशान है। माँ बताती हैं कि अम्मा पिछले एक हफ्ते से बीमार हैं और उन्हें खांसी और बुखार है। भावना को ये याद आता है कि पिछली छुट्टियों में भी अम्मा बीमार थीं। कहानी में अम्मा की बड़ी बेटी शीला का जिक्र है, जो गुड़गांव में अपने पति के निधन के बाद अम्मा के साथ रहने आई है। अम्मा ने पिछले पांच सालों से शीला का खर्चा उठाया है और शीला घर का सारा काम करती है। माँ शाम को भावना को अम्मा के घर ले जाने का प्रस्ताव रखती हैं, जहाँ बच्चों की हंसने-बोलने की आवाजें सुनाई देती हैं। कहानी अम्मा के परिवार और उनकी कठिनाइयों को दर्शाती है, साथ ही प्यार और सहारा देने के महत्व को भी उजागर करती है। अम्मा Amita Joshi द्वारा हिंदी लघुकथा 27.4k 2.3k Downloads 8.1k Views Writen by Amita Joshi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ammaa is a story of an old lady who works as a maid and has immense silent love for the family she works for and is a true picture of motherhood .She leaves a deep impression on the teenage girls mind who is the daughter of the houseowner. More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी