मुमताज़ अपने बेटे ख़ालिद की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। वह हर सुबह तीनों कमरों की सफाई करता है ताकि ख़ालिद जो अभी एक साल का नहीं हुआ है, फर्श से कोई खतरनाक चीज न उठा ले। मुमताज़ को सफाई की चिंता है और वह खुद को इस बात के लिए दोषी मानता है कि अगर ख़ालिद कोई चीज उठाकर मुँह में डालता है। जैसे जैसे ख़ालिद की पहली सालगिरह करीब आ रही है, मुमताज़ को एक अजीब वहम होने लगता है कि उसका बेटा एक साल का होने से पहले मर जाएगा। उसने यह डर अपनी पत्नी के साथ साझा किया, जो उसकी चिंता को बेकार मानती है और कहती है कि उनके बेटे की लंबी उम्र के लिए उसने विशेष तैयारी की है। ख़ालिद मियां Saadat Hasan Manto द्वारा हिंदी लघुकथा 22.1k 7.6k Downloads 29.1k Views Writen by Saadat Hasan Manto Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मुमताज़ ने सुबह सवेरे उठ कर हसब-ए-मामूल तीनों कमरे में झाड़ू दी। कोने खद्दरों से सिगरटों के टुकड़े, माचिस की जली हुई तीलियां और इसी तरह की और चीज़ें ढूंढ ढूंढ कर निकालें। जब तीनों कमरे अच्छी तरह साफ़ होगए तो इस ने इत्मिनान का सांस लिया। Novels मंटो की कहानियां मंटो अपने ज़माने के बदनाम लेखकों में से एक हैं जिन्हें सरकार और समाज दोनों ही पसंद नहीं करते थे| उसकी वजह थी उनकी सीधी सटीक बातें जो कहानियां कम और सवा... More Likes This कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी