इस कहानी में, एक महिला अपनी मेहनत और संघर्ष के बाद एक खूबसूरत नीली साड़ी खरीदने का अनुभव साझा करती है। वह यह बताती है कि कपड़ों की कीमत का अंदाजा लगाना मुश्किल है और आमतौर पर लोग मोल-भाव करते हैं ताकि सस्ती कीमत पर सामान खरीद सकें। महिला ने साड़ी खरीदने के लिए अपने बजट को संतुलित किया, अपनी दोस्त से उधार लिया और बारिश में भीगते हुए दुकान पर गई। अंत में, उसने साड़ी को साढ़े तीन हजार रुपये में खरीदा और उसकी खुशी इस बात से दोगुनी हो गई कि उसे यह कीमत सही लगी। वह साड़ी अपने देवर की बारात के लिए खरीदती है, लेकिन शादी की तारीख अभी तय नहीं हुई है, इसलिए उसे साड़ी पहनने का इंतजार करना पड़ता है। कहानी के अंत में, महिला अपनी कॉलोनी के गार्डन की सजावट का आनंद लेती है, जो सभी पड़ोसियों के लिए एक सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। डुप्लीकेट साड़ी Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 14.5k 1.4k Downloads 5k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी वो साड़ी कहानी के आगे की कहानी है। कभी ऐसा भी हो जाता है कि बड़ी दिक्कतों से हासिल की अपनी मनपसंद चीज़ से हमें हमेशा-हमेशा के लिए घृणा हो जाए। कुछ ऐसा ही हुआ उस नीली साड़ी के साथ। More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी