इस कहानी में कुसुमपुर नगर का एक राजा और एक ब्राह्मण है, जिसके चार बेटे हैं। ब्राह्मण की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी ने सती होकर अपनी जान दे दी। उनके रिश्तेदारों ने उनका धन छीन लिया, जिससे चारों भाई अपने नाना के पास चले गए। वहां भी उन्हें बुरा व्यवहार सहना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने विद्या सीखने का फैसला किया और अलग-अलग दिशाओं में चले गए। कुछ समय बाद, जब वे विद्या सीखकर लौटे, तो उन्होंने अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। उन्होंने एक मरे हुए शेर की हड्डियाँ पाई और क्रम से एक ने मांस चढ़ाया, दूसरे ने खाल और बाल बनाए, तीसरे ने अंग बनाए और चौथे ने उसमें प्राण डाल दिए। शेर जीवित होकर सबको खा गया। बेताल, जो राजा को यह कहानी सुना रहा था, राजा से पूछता है कि उनमें से किसने शेर बनाने का अपराध किया। राजा का उत्तर होता है कि जिसने प्राण डाले, वही दोषी है, क्योंकि बाकी तीन को यह नहीं पता था कि वे शेर बना रहे हैं। बेताल यह सुनकर फिर से पेड़ पर लटक जाता है। बेताल पच्चीसी - 22 Somadeva द्वारा हिंदी लघुकथा 5k 4.8k Downloads 12.1k Views Writen by Somadeva Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कुसुमपुर नगर में एक राजा राज्य करता था। उसके नगर में एक ब्राह्मण था, जिसके चार बेटे थे। लड़कों के सयाने होने पर ब्राह्मण मर गया और ब्राह्मणी उसके साथ सती हो गयी। उनके रिश्तेदारों ने उनका धन छीन लिया। वे चारों भाई नाना के यहाँ चले गये। लेकिन कुछ दिन बाद वहाँ भी उनके साथ बुरा व्यवहार होने लगा। तब सबने मिलकर सोचा कि कोई विद्या सीखनी चाहिए। यह सोच करके चारों चार दिशाओं में चल दिये। Novels बेताल पच्चीसी बहुत पुरानी बात है। धारा नगरी मे ने उसे मार डाला और स्वयं राजा बन बैठा। उसका राज्य दिनोंदिन बढ़ता गया और वह सारे जम्बूद्वीप का राजा बन बैठा। एक दिन उस... More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी