कहानी "बेताल पच्चीसी" की यह दूसरी कहानी है, जिसमें यमुना के किनारे एक नगर धर्मस्थान में राजा गणाधिप और ब्राह्मण केशव रहते हैं। केशव की सुंदर पुत्री मालती के विवाह को लेकर चिंताएँ होती हैं। एक दिन घर में एक ब्राह्मण का लड़का आता है और मालती की माँ उससे विवाह का प्रस्ताव देती है। इसी बीच, केशव को एक और लड़का मिलता है और उसके बेटे को भी यही वचन मिल जाता है। कुछ समय बाद, जब केशव का परिवार इकट्ठा होता है, तो एक तीसरा लड़का भी वहाँ मौजूद होता है। इसी दौरान, मालती को एक साँप काट लेता है और उसकी मृत्यु हो जाती है। परिवार ने उसकी अंत्येष्टि कर दी। तीन लड़के अलग-अलग तरीके से अपनी जिंदगी बिताने लगते हैं। एक दिन, तीसरा लड़का एक ब्राह्मणी के घर भोजन करने जाता है, जहाँ उसे एक बच्चे की जलने की घटना का सामना करना पड़ता है। ब्राह्मण ने उस बच्चे को पुनर्जीवित करने का जादू किया और उसे जीवित कर दिया, यह दर्शाते हुए कि ब्राह्मण की शक्ति और ज्ञान बहुत महान हैं। बेताल पच्चीसी - 2 Somadeva द्वारा हिंदी लघुकथा 25k 14.5k Downloads 21.3k Views Writen by Somadeva Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यमुना के किनारे धर्मस्थान नामक एक नगर था। उस नगर में गणाधिप नाम का राजा राज करता था। उसी में केशव नाम का एक ब्राह्मण भी रहता था। ब्राह्मण यमुना के तट पर जप-तप किया करता था। उसकी एक पुत्री थी, जिसका नाम मालती था। वह बड़ी रूपवती थी। जब वह ब्याह के योग्य हुई तो उसके माता, पिता और भाई को चिन्ता हुई। संयोग से एक दिन जब ब्राह्मण अपने किसी यजमान की बारात में गया था और भाई पढ़ने गया था, तभी उनके घर में एक ब्राह्मण का लड़का आया। लड़की की माँ ने उसके रूप और गुणों को देखकर उससे कहा कि मैं तुमसे अपनी लडकी का ब्याह करूँगी। होनहार की बात कि उधर ब्राह्मण पिता को भी एक दूसरा लड़का मिल गया और उसने उस लड़के को भी यही वचन दे दिया। उधर ब्राह्मण का लड़का जहाँ पढ़ने गया था, वहाँ वह एक लड़के से यही वादा कर आया। Novels बेताल पच्चीसी बहुत पुरानी बात है। धारा नगरी मे ने उसे मार डाला और स्वयं राजा बन बैठा। उसका राज्य दिनोंदिन बढ़ता गया और वह सारे जम्बूद्वीप का राजा बन बैठा। एक दिन उस... More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी