यह कहानी "हुश्शू" नामक एक काव्य-रचना है, जिसे रतननाथ सरशार ने लिखा है और शमशेर बहादुर सिंह ने अनुवादित किया है। इस काव्य में लेखक शराब के सेवन और उसके प्रभावों का वर्णन करते हैं। वे शराब को विभिन्न जीवों और परिस्थितियों के साथ तुलना करते हैं, जैसे मोर और साँप का दुश्मनी का संबंध, कुत्ते और बिल्ली का संघर्ष, और गैंडे तथा हाथी की दुश्मनी। लेखक शराब को एक ऐसी चीज के रूप में प्रस्तुत करते हैं जो न केवल आनंद प्रदान करती है, बल्कि दुश्मनों के बीच की दूरी को भी बढ़ा देती है। यह काव्य शराब की संस्कृति और उसके प्रति समाज के दृष्टिकोण को दर्शाता है, जहाँ शराब पीने वाले अपने दुश्मनों को भी स्वीकारते हैं। अंत में, शराब का जिक्र करते हुए लेखक उसे अंगूर की 'बेटी' के रूप में संबोधित करते हैं, जो उसकी अपील और आकर्षण को और बढ़ा देता है। हुश्शू - 1 Ratan Nath Sarshar द्वारा हिंदी फिक्शन कहानी 7.4k 3.6k Downloads 8.7k Views Writen by Ratan Nath Sarshar Category फिक्शन कहानी पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण बेतुकी हाँक महुए से कुछ गरज है न हाजत है ताड़ की साकी को झोंक दूँगा मैं भट्टी में भाड़ की! हात्तेरे पीनेवाले की दुम में पुरानी भट्टी का जंग लगा हुआ भभका! ओ गीदी, हात्तेरे शराबखोर की दुम में मियाँ आलू बुखारा अत्तार की करनबीक! ओ गीदी, हात्तेरे मतवाले की मगड़ी के दोनों सिरों में कठपुतली नाच-ताक धनाधन ताक धनाधन। हात्तेरे की - और लेगा? अबे, तुम लोगों के हम वैसे ही दुश्मन हैं जैसे मोर साँप का, कुत्ता बिल्ली का, गेंडा हाथी का। गैंडे ने हाथी को देखा - और जंजीर तुड़ाके दौड़ा और सींग मारा और हाथी का पेट फाड़ डाला, - हात्तेरे की - और लेगा? मियाँ हवन्ना साहब कजली बन के महाराजा बने चले जाते हैं, मगर दुश्मन से नहीं चलती। Novels हुश्शू बेतुकी हाँक महुए से कुछ गरज है न हाजत है ताड़ की साकी को झोंक दूँगा मैं भट्टी में भाड़ की! हात्तेरे पीनेवाले की दुम में पुरानी भट्टी का जंग लगा हु... More Likes This RAJPUTANA - The War of Love and Revenge - 1 द्वारा Aarushi Singh Rajput पहला प्यार ? - 2 द्वारा Alone Soul सुनहरा फलक - 1 द्वारा Digvijay Singh Rathore खलनायिका के रूप में पुनर्जन्म - 1 द्वारा Fictional world THE UNTOLD CHAPTER - 1 द्वारा Neha Banchhor कुरिवाज की केद से सपनों की उड़ान तक - 1 द्वारा miss k त्रिवेणी: एक आदर्श बहू से बेकार बहू बनने तक का सफर - 1 द्वारा Triveni chakrdhari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी