इस कहानी में एक महिला एक बस में यात्रा कर रही है और एक खाली सीट पर बैठते ही एक पुरुष के कंधे से टकरा जाती है। इस टकराने से उसे एक अनजानी सिहरन महसूस होती है। पुरुष अपनी आवाज में "सॉरी" कहता है, जो उसकी स्पष्टता और गहराई को दर्शाता है। महिला सोचती है कि गलती उसकी है, लेकिन पुरुष अपनी जगह को समेट लेता है ताकि उसे और परेशानी न हो। वह पुरुष के आकर्षण और उसके कंधों की चौड़ाई पर ध्यान देती है, जिससे वह उसकी ओर आकर्षित होती है। कहानी में पहाड़ी क्षेत्र का मौसम भी वर्णित है, जहां हल्की बारिश के बाद धूप निकल आई है, और महिला उस वातावरण की खूबसूरती का आनंद ले रही है। वह पुरुष को एक फिल्मी हीरो की तरह महसूस करती है और उसकी उपस्थिति उसके मन में हलचल पैदा करती है। इस प्रकार, कहानी में एक अनजानी आकर्षण और संवेदनाओं का अहसास उभरा है। अहसास Mirza Hafiz Baig द्वारा हिंदी क्लासिक कहानियां 17.8k 3.8k Downloads 11.1k Views Writen by Mirza Hafiz Baig Category क्लासिक कहानियां पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सिर्फ अहसास है, रूह से महसूस करें। मै जैसे ही उस खाली सीट पर धड़ाम से बैठी, उसके दाहिने कंधे से टकरा गई । उसके दाहिने कंधे और बाज़ू का स्पर्श, तन मन मे एक अंजानी सिहरन का संचार कर गया । More Likes This राहें - 11 द्वारा shiromani mathur द मिस्टीरियस क्वीन - Chapter 2 - भाग 2 द्वारा kanta सीक्रेट:वो लड़की - 3 द्वारा kanta पांच वादों की दुल्हन - भाग 1 द्वारा kanta अशोक का परिवर्तन - युद्ध से करुणा तक - 1-2 द्वारा Skp divine जिस जीवन में तुम थे - 5 द्वारा SHREYA INDUSHREE गांव की वह शाम द्वारा Akanksha Dubey अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी