इस कहानी में रतना अपनी माँ से पूछती है कि सिंदूर क्यों लगाया जाता है। माँ उसे बताती है कि यह सुहाग की निशानी है। रतना अपनी सोच को साझा करती है कि निशानी तब होती है जब कोई व्यक्ति मौजूद नहीं होता, जैसे कि उनके गणेश सर के रिटायरमेंट पर दी गई निशानी। यह बातचीत माँ को सोचने पर मजबूर कर देती है, और वह अपने अतीत में लौट जाती है जब वह खुद नई दुल्हन थी। उसकी दादी सास की कठोर बातें और सास का सिंदूर लगाने के लिए दबाव उसे याद दिलाते हैं कि समाज में औरतों की इज़्ज़त और मर्यादा को कैसे देखा जाता है। सास उसे समझाती हैं कि सिंदूर न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह सामाजिक मान्यताओं का भी हिस्सा है। कहानी में नारी की स्थिति, परंपराओं का दबाव और मातृसत्तात्मक समाज की आलोचना दिखाई देती है। दायरे... Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 4.7k 2k Downloads 5.5k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण ईश्वर ने जानवरों की तुलना में हम मनुष्यों को सोचने-समझने की शक्ति कहीं अधिक दी है और इस शक्ति प्रयोग हमें निरंतर विकास और प्रगति ओर करना चाहिए। मगर हम इसका प्रयोग अपने लिए छोटे-छोटे झूठ-मूठ के बंधनों को तय करने और उनका निर्वाह करने में लगा रहे हैं। More Likes This आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan कहाँ खो गया वह होशियार अजय - 1 द्वारा Anamika ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी