यह कहानी सुनयना, उसके बेटे शौर्य और बेटी ऋचा के एक ड्राइविंग अनुभव के इर्द-गिर्द घूमती है। जब सुनयना गाड़ी में बैठी होती है, तो वह सड़क के किनारे के दुकानों और होर्डिंग्स को देखती है। अचानक उसे एहसास होता है कि शौर्य गाड़ी बहुत तेज चला रहा है। वह शौर्य को धीमी गति से चलाने के लिए कहती है, लेकिन शौर्य इसे सामान्य स्पीड बताता है। ऋचा भी शौर्य का समर्थन करती है, यह कहते हुए कि वह एक सफारी गाड़ी से रेस कर रहा है। सुनयना बार-बार चेतावनी देती है कि तेज चलाना कोई बहादुरी नहीं है और सड़क पर अचानक कोई बाधा आ सकती है। शौर्य के जवाब में सुनयना उसे ध्यान से गाड़ी चलाने का आदेश देती है, लेकिन शौर्य उसकी बातों का मजाक उड़ाता है। इस तरह, कहानी एक परिवार के बीच की बातचीत और सुरक्षा चेतावनियों पर आधारित है। स्पीड Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 2.3k 1.4k Downloads 4.2k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण शौर्य को गाड़ी चलाना अच्छा लगता है। उससे भी ज़्यादा अच्छी लगती है उस गाड़ी की स्पीड जिसे वो चला रहा होता है। तेज़ स्पीड में गाड़ी चलाए से ज़्यादा रोमाँचक उसके लिए कुछ भी नहीं, मगर किस कीमत पर More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी