"सवा शेर गेंहूँ" एक किसान शंकर की कहानी है, जो एक सीधा-सादा और गरीब आदमी है। शंकर हमेशा अपनी जरूरतों के लिए संतुष्ट रहता है, लेकिन जब साधु महात्मा उसके दरवाजे पर आते हैं, तो वह उन्हें भूखे नहीं सुला सकता। एक दिन, महात्मा के आगमन पर शंकर ने गाँव के ब्राह्मण से सवा सेर गेहूँ उधार लिया और महात्मा को खिलाया। महात्मा ने आशीर्वाद देकर विदा ली, और शंकर ने सोचा कि वह इस उधारी को चुकाने के लिए ब्राह्मण को डेढ़ पसेरी गेहूँ लौटाएगा। लेकिन शंकर को नहीं पता था कि यह सवा सेर गेहूँ चुकाने के लिए उसे जीवन भर संघर्ष करना पड़ेगा। सात साल बाद, शंकर एक मजदूर बन गया, जबकि ब्राह्मण धनवान हो गया। शंकर का छोटा भाई मंगल उससे अलग हो गया, जिससे उनके बीच दरार आ गई। शंकर ने भाईचारे को बचाने की कोशिश की, लेकिन परिस्थितियों ने उसे रोने पर मजबूर कर दिया, क्योंकि वह महसूस करता है कि उनका प्रेम और संबंध टूट गया है। कहानी शंकर के संघर्ष और उसके परिवार के बीच टूटते बंधनों को दर्शाती है। सवा शेर गेहूँ Munshi Premchand द्वारा हिंदी लघुकथा 9.9k 7.9k Downloads 31k Views Writen by Munshi Premchand Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Sawa Sher Gehun More Likes This तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari कालू की पहाड़ी - 1 द्वारा RAAHULL SHARMA अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी