"काबुलीवाला" रवींद्रनाथ ठाकुर द्वारा लिखित एक कहानी है जिसमें एक गरीब काबुली व्यापारी और एक छोटी लड़की, मिनी, के बीच की दोस्ती का वर्णन किया गया है। मिनी, जो कि पांच साल की है, अपने पिता से बातें करते हुए काबुलीवाले को देखकर डर जाती है। लेकिन धीरे-धीरे, वह काबुली के साथ दोस्ती कर लेती है। काबुली, जो मेवों का व्यापारी है, मिनी को किशमिश और बादाम देकर उसकी मित्रता जीतता है। वह हर दिन मिनी से मिलने आता है, और दोनों के बीच मजेदार बातें होती हैं। मिनी काबुली को हंसते हुए सवाल पूछती है और काबुली उसे अपने झोली में छिपी चीजों के बारे में बताता है। कहानी में एक मोड़ तब आता है जब काबुली को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जाता है। यह घटना मिनी और उसके परिवार पर गहरा प्रभाव डालती है। कहानी दोस्ती, innocence, और सामाजिक परस्थितियों की जटिलताओं का चित्रण करती है, और यह दर्शाती है कि कैसे एक साधारण सी दोस्ती भी जीवन में गहरा असर डाल सकती है। काबुलीवाला Rabindranath Tagore द्वारा हिंदी लघुकथा 13.4k 24.2k Downloads 81.9k Views Writen by Rabindranath Tagore Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Kabuliwala More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी