मास्टर विजय कुमार सिंह पिछले 21 वर्षों से अन्याय के खिलाफ एक महत्वपूर्ण लड़ाई लड़ रहे हैं, जो केवल उनकी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि उन सभी किसानों की है जिनकी भूमि अवैध रूप से माफियाओं द्वारा कब्जाई गई है। उन्होंने अपने शिक्षक पद से त्याग पत्र देकर इस मुद्दे पर ध्यान केंद्रित किया और मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया। विजय जी ने कई बार खतरे का सामना किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने 2007 में 600 किमी की पैदल यात्रा की और भूमि माफियाओं के खिलाफ जागरूकता फैलाई, जिसके परिणामस्वरूप कुछ जमीनें वापस मिल गईं। हालांकि, इस आंदोलन के चलते उन्हें कई व्यक्तिगत त्याग करने पड़े, और उनका परिवार भी उनके इस मिशन से नाखुश है। विजय जी समाज में न्याय की स्थापना के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं। अपनी आत्मशक्ति से टिका हूँ Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी प्रेरक कथा 3.3k 1.8k Downloads 7.1k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category प्रेरक कथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण यह कहानी श्री विजय सिंह की प्रेरणादाई कहानी है। विजय जी पिछले दो दशकों से लगातार भूमि माफियाओं के द्वारा अधिग्रहित भूमि को छुड़ाने के लिए धरने पर बैठे हैं। इतने लंबे समय तक चलने के कारण यह Limca books of records में दर्ज़ है। इस संघर्ष के लिए इन्हें परिवार से भी अलग होना पड़ा। More Likes This छठी मैया का आशीर्वाद - भाग 1 द्वारा Aloka Patel एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 5 द्वारा Aloka Patel अधूरी उड़ान - 1 द्वारा priyanshi bhuva अधूरापन - 1 द्वारा Falguni Dost ज़हरीली थाली द्वारा sukhvinder Singh Rai पीछे छूटा इंसान- भाग 1 द्वारा RAVINDRA बिन माँ की रसोई द्वारा sukhvinder Singh Rai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी