वेलेंटाइन डे की कहानी में एक थका हुआ व्यक्ति को दिखाया गया है, जो एक लंबे दिन के बाद घर लौट रहा है। रास्ते में, उसे ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है और वह कनॉट प्लेस में है। वहाँ वह देखता है कि युवा जोड़े हाथों में हाथ डाले घूम रहे हैं और बाजार में जश्न मनाने वाले लोग भरे हुए हैं। उसे ड्राइवर जॉर्ज से पता चलता है कि आज वेलेंटाइन डे है। हालांकि, वह इस दिन के महत्व से अनजान है और उसे शर्म महसूस होती है कि इतने बड़े जश्न में वह शामिल नहीं है। कहानी व्यक्ति की थकान और वेलेंटाइन डे के उत्सव के बीच के अंतर को उजागर करती है। वेलेंटाइन डे Kamal Kumar द्वारा हिंदी लघुकथा 1.5k 7.9k Downloads 34.6k Views Writen by Kamal Kumar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण वेलेंटाइन डे हर नौजवान को भाता है, पर उस दिन संजोये गये सपने क्या सच होते हैं? आइए पढ़ते हैं कमल कुमार की ये लघुकथा More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी