यह कहानी एक बैंक शाखा के प्रबंधक की है, जो नत्थूराम जी नामक एक महत्वपूर्ण ग्राहक के साथ अपने अनुभवों के जरिए बैंक की स्थिति को सुधारने की कोशिश करता है। जब वह शाखा में आया, तो उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, जैसे एन पी ए खाते और शून्य बैलेंस वाले खाते। हालांकि, उसने नत्थूराम जी से अच्छे संबंध बनाए और उनके संपर्कों का लाभ उठाकर शाखा को सफल बनाया। वह अपनी मेहनत के बल पर शाखा के लक्ष्यों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है और पदोन्नति की उम्मीद कर रहा है। साल की आखिरी तिमाही में, वह अपने लक्ष्यों को पूरा करने के लिए और अधिक प्रयास करने की योजना बना रहा है, लेकिन उसकी योजनाएँ विफल हो रही हैं। एक सरकारी ऋण से उसे उम्मीद थी कि शाखा का जमा बढ़ेगा, लेकिन यह लोन दूसरे बैंक को चला गया। कहानी में प्रबंधन, मेहनत, और अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश के साथ-साथ चुनौतियों का सामना करने का संदेश है। दूसरा खाता Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 2.3k 1.5k Downloads 4.4k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हम अपने जीवन में अपना बैंक खाता भरने में इतना मशगूल हो गए हैं कि अपने दूसरे खाते की ओर ध्यान ही नहीं जाता है। मगर नत्थूराम नहीं भूले हैं। क्या है ये दूसरा खाता More Likes This पहली मुलाक़ात - 1 द्वारा puja नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी