यह कहानी एक गहरे भावनात्मक अनुभव के चारों ओर घूमती है। मुख्य पात्र ने अपने जीवन में कई कठिनाइयों का सामना किया है और वह अपने सपनों की खोज में है। कहानी में संघर्ष, आशा और आत्म-खोज के तत्व शामिल हैं, जो पाठकों को प्रेरित करते हैं। पात्र की यात्रा उसके आंतरिक संघर्षों और बाहरी चुनौतियों को दर्शाती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जीवन में कठिनाइयाँ आना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें पार करना भी संभव है। कहानी का अंत एक सकारात्मक नोट पर होता है, जहां पात्र अपनी पहचान और उद्देश्य को खोज लेता है। तंग गलियों से भी दिखता है आकाश Bharatiya Jnanpith द्वारा हिंदी लघुकथा 1.8k Downloads 7.2k Views Writen by Bharatiya Jnanpith Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण तंग गलियोंं से भी दिखता है आकाश करीब दो दशक पहले यादवेन्द्र जी से परिचय विज्ञान लेखक के रूप में हुआ था और इस रूप में भी मैं उनका मुरीद था। फिर पिछले कुछ वर्षों में उनके एक नये रूप में परिचय हुआ-विश्व के कथाकारों के एक श्रेष्ठ अनुवादक के रूप में और यह भी उससे कम सुखद नहीं है। हिंदी में विदेशी रचनात्मक कथा-साहित्य के चन्द बेहतरीन अनुवादकों में वह एक ह़ैं, जिनकी एक ही महत्वाकांक्षा रही है कि आज दुनियाभर के विभिन्न तरह के बहुस्तरीय संघर्षों के बीच जो भी लेखक अपना श्रेष्ठतम दे रहे हैं, उन्हें हिन्दी में सामने लााया जाए। यह काम आसान नहीं है।यह केवल कुछ चर्चित और बड़े कथाकारों की कुछ रचनाओं को सामने लाने तक सीमित नहीं है क्योंकि अनुवाद करना तो बाद की बात है,पहला काम जो आज लिखा जा रहा है,उसे पढक़र-समझना और फिर उसे चुनौती मानकर उसे सामने लाना है, खोजने की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेना है। जो विश्वस्तर पर मशहूर कवि-लेखक हैं, उन्हीं की रचनाएँ अनुवाद करने में अनुवाद करने की ही चुनौती है और कोई खतरा भी नहीं है। लेकिन यादवेन्द्र दुनिया के उन इलाकों से कथाकारों को चुनते हैं, जो हमारी निगाह से अक्सर दूर रहते हैं मगर जिन्होंने अपना बेहतरीन दिया है, जो आज की संघर्षशील मनुष्यता के साथ खड़े हैं। उन्हीं में से कुछ रचनाओं का यह संग्रह है—तंग गलियों से भी दिखता है आकाश। इसमें उन्होंने दुनिया के विभिन्न देशों की करीब ऐसी दो दर्जन महिला कथाकारों को ऐसी कहानियों का अनुवाद किया है, जो लगभग दुनिया के सारे महाद्वीपों की हैं। शायद इस तरह का हिन्दी में यह पहला प्रयत्न है। विभिन्न देशों की ये महिला कथाकार उथल-पुथल भरी किन-किन नई परिस्थितियों से गुजर कर नयी दृष्टि के साथ दुनिया की अत्यंत मार्मिक तस्वीर सामने रख रही हैं, यह संकलन उन कहानियों का एक अनोखा गुलदस्ता है। यह एक तरह से हिन्दी के तमाम कथाकारों के लिए एक जरूरी किताब है। इन महिला कथाकारों ने दुनिया को जितने ही रूपों में देखा और दिखाया हैं यह एक तरह से समकालीन दुनिया का दस्तावेज बन गया है। यादवेन्द्र जैसे समर्पित अनुवादक न होते तो दुनिया हमारे लिए कई अर्थों में अगम्य बनी रहती। विज्ञान और साहित्य का मेल किस तरह व्यापक मानवीय संवेदना को उकेर सकता है, हमारी संवेदना को परिकृत कर सकता है यह संग्रह उसका उदाहरण है। यादवेंद्र उन अनुवादकों में नहीं है, जो विदेशी दूतावासों को नजर में आकर विदेश यात्रा के जुगाड़ में अनुवाद किया करते हैं। उन्होंने आज तक साहित्य के एक अच्छे कार्यकर्ता की तरह ही दुनिया को हमारे सामने रखा है। उन्होंने जटिलतम मानवीय सम्बन्धों पर लिखी गई उत्कृष्ट कहानियाँ हमें दी हैं, जिनमें चेर्नोबिल परमाणु दुर्घटना के बहाने लिखी वह कहानी भी है जो एक व्यक्ति का एक तरह से सच्चा मार्मिक बयान है। यह कहानी उस व्यक्ति की है, जो चेर्नोबिल दुर्घटना के बाद सरकारी तौर पर सख्त मनाही के बावजूद अपने साथ घर का दरवाजा उखाड़ कर ले जाता है। उस घर की यह परम्परा रही है कि उसके किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसे तब तक उसी किवाड़ पर लिटाया जाता है, जब तक कि उसके लिए ताबूत बनकर नहीं आ जाता। विडम्बना देखिए कि उसे अपनी 6 साल की बेटी को—जो चेर्नोबिल के हादसे का शिकार होती है- उसे ही उस दरवाजे पर लिटाकर जीवन से विदा करना पड़ता है। ऐसी न जाने कितनी कहानियों इस संग्रह में हैं,जो मनुष्य की जीने की प्रबल इच्छाशक्ति को दर्शाती हैं। इसाबेला एलेंदे की कहानी भी ज्वालामुखी फटने और बर्फ के पहाड़ पिघलकर धँसने के कारण एक बच्ची और इस दुर्घटना को कवर करने गए एक पत्रकार के मानवीय साहस की एक अनुपम और विश्वसनीय कहानी है। ये सिर्फ कहानियाँ नहीं हैं ये एक स्तर पर कविताएँ हैं। इन्हें पढऩा एकसाथ कहानी और कविता दोनों पढऩा है और यह सुख बहुत कम रचनाओं के जरिए हम तक पहुँच पाता है। ---विष्णु नागर More Likes This अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan बड़े बॉस की बिदाई द्वारा Devendra Kumar Age Doesn't Matter in Love - 23 द्वारा Rubina Bagawan ब्रह्मचर्य की अग्निपरीक्षा - 1 द्वारा Bikash parajuli अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी