महिमा, एक सफल सामाजिक कार्यकर्ता, अपने पति और तीन बच्चों के साथ संतुलित जीवन जी रही है। उसकी बेटियों ने पहली बार अपनी माँ को एक कार्यक्रम में वक्ता के रूप में सुना, जहां महिमा ने महिलाओं की विषम परिस्थितियों पर बोलते हुए समाज में स्त्री सशक्तिकरण के मुद्दे उठाए। उसके वक्तव्य ने हॉल में तालियों की गूँज पैदा की, जिससे उसकी बेटियों को गर्व महसूस हुआ और उनके स्वतंत्र अस्तित्व की आशा जागी। जब बड़ी बेटी रिचा ने पितृ संपत्ति में अपने हिस्से की बात की, तो महिमा असमंजस में पड़ गई, क्योंकि उसने कभी इस विषय पर गंभीरता से विचार नहीं किया था। इस सवाल ने महिमा को यह सोचने पर मजबूर किया कि उसकी बेटियाँ भी संपत्ति में अधिकार रखती हैं, जैसे उसके बेटे। असमंजस Dr kavita Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 5.5k 2.2k Downloads 14.2k Views Writen by Dr kavita Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण संविधान द्वारा बेटे-बेटी को समान अधिकार देने के बावजूद हमारे समाज एवं परिवार में बेटियों को पुत्र-सम-भाव से स्वीकार्यता नहीं मिल सकी है । पैतृक संपत्ति के विषय में कहें, तो वे व्यावहारिक दृष्टि से आज भी अपने अधिकारों से वंचित हैं । इस अधिकार वंचना के प्रति आज की बेटी पर्याप्त सचेत स्थिति में दिखाई देती है, किंतु एकाधिक माता-पिता भी असमंजस की स्थिति में हैंं । प्रस्तुत कहानी इसी यथार्थ स्थिति का कलात्मक चित्रण है । More Likes This कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी