कहानी "प्रपंच" में संध्या की माँ चिंता में है क्योंकि उसकी बेटी संध्या समय पर घर नहीं लौटी है। माँ कौशल विकास केंद्र जाती है, जहां वह जानती है कि कंप्यूटर शिक्षक छुट्टी पर हैं। वह चिंतित होकर घर लौटती है और परिवार को संध्या के गायब होने की सूचना देती है। परिवार रातभर संध्या की तलाश करता है और अगले दिन पुलिस से मदद मांगता है। पुलिस दस दिन बाद सूचना पाती है कि संध्या अपने प्रेमी वरुण के साथ देहरादून के एक होटल में है। जब पुलिस वहां पहुंचती है, तो संध्या अपने पिता को देखकर चकित होती है, लेकिन वह आत्मविश्वास से खड़ी होती है और अपने विवाह का प्रमाण पत्र पिता को सौंपती है। वह बताती है कि वे दोनों प्यार करते हैं और विवाह कर चुके हैं। इस पर संध्या के पिता सरपंच जी क्रोधित हो जाते हैं और अपनी बेटी के कंप्यूटर सीखने के निर्णय पर पछताते हैं। प्रपंच Dr kavita Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 4.2k 2k Downloads 10.4k Views Writen by Dr kavita Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण प्रस्तुत कहानी प्रपंच उन व्यवहारों पर प्रश्नचिन्ह लगाती है, जो परिवर्तित परिस्थिति में पूर्णतः अप्रासंगिक हो गए हैं । इतना ही नहीं, समय के सतत प्रवाह में जिनकी मूल संवेदना कहीं पीछे छूट चुकी है, लेकिन परंपरा का निर्वाह करने के लिए आज भी उन रूढ़ व्यवहारों को ढोया जा रहा है । More Likes This Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma कोन्निचिवा: माय देसी लव - 1 द्वारा Kajal Soam किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी