कहानी "मौत की झांकी" एक शाम के समय की है जब एक चौराहे पर भगवान राम की झांकी के चलते जाम लगा हुआ था। इस भीड़ में एक एम्बुलेंस सायरन बजाते हुए मरीज को अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन लोग उसे जगह नहीं दे रहे थे। एम्बुलेंस में बैठे कृपाल सिंह अपने बेटे आनंद की खराब हालत को लेकर चिंतित थे। आनंद, जो केवल 15 साल का था, दिल की बीमारी से ग्रसित था और उसके चेहरे पर दर्द की लकीरें थीं। कृपाल सिंह को पहले भी डॉक्टरों ने बताया था कि आनंद के दिल में छेद है, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जब आनंद फिर से बीमार हुआ, तो उसकी माँ रज्जो देवी ने पड़ोसी जुगनू को बुलाया, जिसने एम्बुलेंस बुलाने का सुझाव दिया। एम्बुलेंस जल्दी आई और जुगनू तथा रज्जो देवी ने आनंद को एम्बुलेंस में लिटाया, जबकि कृपाल सिंह बेचैनी से उसकी हालत को देखते रहे। यह कहानी सामाजिक और पारिवारिक चिंता, धार्मिक उत्सव और मानवता के बीच संघर्ष को दर्शाती है। मौत की झांकी Dharm द्वारा हिंदी लघुकथा 11.7k 2.4k Downloads 10.6k Views Writen by Dharm Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण मौत की झांकी कहानी एक ऐसे समाज पर आधारित है जहाँ हम सबकुछ जानते हुए भी वो काम नहीं करते जो हमारा कर्तव्य होता है. जैसे एम्बुलेंस को रास्ता देना. इस कहानी में ऐसा ही कुछ बताया गया है. More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी