विनय ने तय किया कि वह शादी अपनी माँ की पसंद से करेगा, जबकि उसकी माँ, निर्जरा, चाहती थी कि वह अपनी पसंद से लडक़ी चुने। विनय की जिद के कारण निर्जरा परेशान हो जाती है और सोचती है कि बिना देखे शादी करना सही नहीं होगा। विनय के दोस्तों ने अपनी पसंद से शादी करके दुख भोगा है, जिससे वह समझता है कि माता-पिता की पसंद से शादी करने पर झगड़ों के लिए उन्हें दोषी ठहराया जा सकता है। निर्जरा को चिंता है कि अगर उसने गलत लडक़ी चुनी, तो उसके बेटे का जीवन बर्बाद हो जाएगा। अंततः, निर्जरा ने ठान लिया कि वह विनय को उसकी जिद का सबक सिखाएगी और लड़कियों की खोज शुरू कर दी। समाज में शादी कराने का काम बहुत सामाजिक माना जाता है और इसके लिए लोग सक्रिय रहते हैं। जैसे-जैसे रिश्तों की जानकारी फैली, निर्जरा की परेशानी बढ़ती गई। अंगूठी Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 13.8k 1.9k Downloads 8.9k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण विनय ने तय किया था कि शादी तो वह माँ की पसंद से ही करेगा जबकि माँ चाहती थी कि वह अपनी पसंद से लडक़ी चुने और शादी करे ताकि उसका दाम्पत्य जीवन सुखपूर्वक बीते। मगर विनय की जिद्द के आगे वह खीझकर रह जाती थी इसलिए.... More Likes This पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa आखिरी कोशिश - 1 द्वारा Subhan Khan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी