कहानी "गन्धर्व" में एक पहाड़ी क्षेत्र का वर्णन किया गया है, जहां बर्फबारी होती है और चाँदनी की चमक बर्फ पर बिखरती है। एक रहस्यमय पात्र, जो आधा देव और आधा दानव है, धीरे-धीरे पहाड़ से उतरता है। वह सफेद कपड़े पहने हुए है और उसके पास बांसुरी है, जिसकी मधुर धुन घाटियों में गूंजती है। यह पात्र नंगे पांव बर्फ में चलता है, और जहां उसके पैर पड़ते हैं, बर्फ पिघल जाती है। पहाड़ियों के अनुसार, यह पात्र 'नारसिंघ' कहा जाता है, जो नवविवाहिताओं को 'लग' जाता है, और इससे बचने के लिए विशेष सावधानियाँ बरती जाती हैं। पहाड़िया लोग इस पात्र से डरते हैं और इसे संत महात्माओं के पास जाने से कतराते हैं। कहानी में स्वर्गाश्रम का भी उल्लेख है, जो धौलाधार की बर्फीली चोटियों के सामने स्थित है और रात में अलौकिक प्रकाश में जगमगाता है, जैसे यह आकाश में टिका हुआ हो। इस प्रकार, यह कहानी पहाड़ी जीवन, रहस्य और आध्यात्मिकता का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करती है। गन्धर्व Sudarshan Vashishth द्वारा हिंदी लघुकथा 2.1k 3.8k Downloads 10.4k Views Writen by Sudarshan Vashishth Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Gandharv - Sudarshan Vashishth More Likes This प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी