यह कहानी दो सहकर्मियों के बीच की है, जो एक ही बिल्डिंग, फ्लोर, और डिपार्टमेंट में काम करते हैं। लंबे समय से उनकी बातचीत केवल औपचारिक गुड मॉर्निंग और काम से जुड़ी बातें तक सीमित रह गई है। उन्होंने काफी समय से साथ में कोई मजेदार गतिविधि नहीं की, जैसे चाट खाना या फिल्म देखना। इस स्थिति का कारण कोई झगड़ा या जलन नहीं, बल्कि काम का बढ़ता दबाव है, जो पहले मजाक का हिस्सा था। आठ महीने पहले संसदीय समिति के दौरे के दौरान उनका काम का बोझ बढ़ गया था, जिसने उनके बीच की सहजता को भी प्रभावित किया। वे पॉवरप्वाइंट प्रेजेंटेशन पर देर रात तक काम कर रही थीं, लेकिन उनके सुपरवाइजर को उन पर भरोसा नहीं था। इस वजह से उन्होंने ऑफिस में रात बिताई और एक दिन हंसते-खिलखिलाते लडकियों की बातें करते हुए पकड़ी गईं। उन पर ये एहसास हुआ कि काम के दबाव ने उनकी दोस्ती और बातचीत में दूरी बना दी है। हम दोनों Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 3.6k 2.8k Downloads 9k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण हम अक्सर अपने करीबी को दूर जाने देते हैं। इसे रोकने के लिए हम अक्सर प्रयास ही नहीं करते। और फिर देखते हैं कि बिना किसी बात के वो हमसे बहुत दूर जा चुका है। More Likes This खामोश बेटी - 1 द्वारा blue sky and purple ocean मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी