कहानी "नेत्रार्पण" अर्पणा दीदी की पहली बरसी पर केंद्रित है। हवन के दौरान, अंजलि अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए अपनी आँखों को छिपाती है और कहती है कि उसकी आँखें जल रही हैं। यह सुनकर सभी की आँखों में आँसू आ जाते हैं। अंजलि की करुण दृष्टि ने नायक को गहराई से छुआ, जिससे वह अपने आँसुओं को रोकने की कोशिश करती है ताकि अंजलि और भी असहाय न महसूस करे। जब अंजलि को उसके कमरे में ले जाती हैं, तो वह रोने लगती है और नायक भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाती। अंत में, अंजलि को शांत करने के बाद, नायक दरवाजे के बाहर झांकती है और परिवार के अन्य सदस्य पूजा-अर्चना में व्यस्त होते हैं। नायक को भैया के संकेत से पता चलता है कि उसे अंजलि का ध्यान रखना है। कहानी में गहरी भावनाएँ और पारिवारिक बंधनों की करुणा को दर्शाया गया है। नेत्रार्पण Hemant Bawankar द्वारा हिंदी लघुकथा 3.9k 1.5k Downloads 6.5k Views Writen by Hemant Bawankar Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण The story of a girl who donates her eyes after her death due to dowry. More Likes This किराए का घर द्वारा Vandna Sharma First Love - 1 द्वारा Sah Ankita जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी