यह कहानी रमेश की है, जो अपनी शादी की सालगिरह के लिए अपनी पत्नी रमणी को एक साड़ी खरीदने का सोचता है। वह अपने बोनस के पैसे लेकर घर जा रहा था, लेकिन रास्ते में एक जन्मदिन की पार्टी देखकर उसे याद आता है कि आज उनकी सालगिरह है। वह घर जाने की बजाय बाजार की ओर मुड़ जाता है। रमेश को पता है कि उसे एक सस्ती दुकान ढूंढनी होगी, लेकिन सभी छोटी दुकाने बंद हैं। वह जानता है कि बिना तोहफे के घर जाने पर रमणी नाराज होगी, और महंगी साड़ी खरीदने पर भी वह असंतुष्ट हो सकती है। अंत में, वह एक शोरूम में जाकर सोचता है कि कभी-कभी महंगी साड़ी भी खरीदनी पड़ सकती है, क्योंकि खास मौकों पर खुशियाँ मनाने के लिए ऐसे खर्च करने पड़ते हैं। कहानी में रमेश की मनोदशा, उसकी चिंताएँ और जीवन की छोटी-छोटी खुशियों का महत्व दर्शाया गया है। साड़ी Neetu Singh Renuka द्वारा हिंदी लघुकथा 5k 3k Downloads 8.4k Views Writen by Neetu Singh Renuka Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण रमेश अपने बोनस के पैसों से अपनी शादी की सालगिरह पर बड़ी मुश्किलों से रमणी के लिए एक साड़ी खरीद कर लाया था। रमणी की कंजूस प्रवृत्ति को देखते हुए उसने साड़ी का दाम कम बताया था... नतीजतन... More Likes This जिस जीवन में तुम थे - 2 द्वारा SHREYA INDUSHREE तुम्हें भी तो याद आती होगी - 1 द्वारा Anil Kundal मेरा साहित्य लेखन द्वारा Rakesh Kumar Sharma अलविदा आनंद! द्वारा Devendra Kumar आग और ठहराव - 1 द्वारा Alka rahul Aggarwal क्या सब ठीक है - 5 द्वारा Narayan Menariya बारह बरश का इंतज़ार - 1 द्वारा kusum kumari अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी