"रक्षा" कहानी में नितिन, जो रविवार की छुट्टी का आनंद ले रहा है, अचानक एक अजीब सपना देखता है जहाँ वह ईसाइयों के कब्रिस्तान में खड़ा होता है। एक कब्र की ओर खींचे जाने का अनुभव करते हुए, उसे मृतक का नाम पढ़ने की कोशिश करते समय उसकी पत्नी धरा उसे जगा देती है। नितिन, इस सपना के अर्थ को लेकर चिंतित है और इसे दो महीने पहले भी देख चुका है। वह सोचता है कि शायद यह सपना किसी संकेत के रूप में है। धरा उसकी उलझन को महसूस करती है लेकिन नितिन उसे अपनी परेशानी नहीं बताता। वह खुद को थका देने के लिए बाहर टहलने निकलता है, ताकि उस सपने से ध्यान हटा सके। कई दिनों तक वह इस सपने के बारे में सोचता है, परंतु कोई समाधान नहीं निकलता। अंततः, वह अपने मन को शांत करने का प्रयास करता है, यह सोचकर कि अगर यह कुदरत का संकेत है, तो समय आने पर इसका अर्थ स्पष्ट होगा। रक्षा Ashish Kumar Trivedi द्वारा हिंदी लघुकथा 8.8k 1.9k Downloads 6k Views Writen by Ashish Kumar Trivedi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण सुनते ही कब्र मे लगा पत्थर उसकी आँखों के सामने नाचने लगा। पॉल मैथ्यू जन्म 18 अगस्त 1972 मृत्यु 25 जून 2016 नितिन कुदरत के इस कारनामे को समझने में असमर्थ था। More Likes This ठुकराईन नयना देवी - 3 द्वारा Vandna Sharma लोकतंत्र की ज़मीनी सच्चाई - 1 द्वारा Std Maurya दिल्ली जिमखाना क्लब द्वारा Devendra Kumar Fake Boyfriend real Feelings - 1 द्वारा Mawaskar Pratigya कॉल - 1 द्वारा sky कुछ बातें मां बाप के दिल की । - 3 द्वारा miss k पढ़ाकू द्वारा Vandna Sharma अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी