कहानी "आपातकाल और सुंदर" में सुंदर अपने भाई जितेंद्र को रिहा कराने की कोशिश कर रहा है। उसे पता चलता है कि उसके चाचा जोरावर सिंह और थानेदार दुर्जन सिंह ने उसके भाई के खिलाफ साजिश की है। दुर्जन सिंह ने पुलिस की ताकत से पूरे क्षेत्र में आतंक फैलाया है और सभी लोग उसके डर से चुप हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद, दुर्जन सिंह को एक महाविद्यालय का अध्यक्ष बना दिया जाता है, जहां वह शिक्षिकाओं और छात्राओं पर बुरी नजर रखता है। सुंदर की बहन सुषमा भी उसी महाविद्यालय में संस्कृत की प्राध्यापिका है। दुर्जन ने सुषमा को अपने पास बुलाने के लिए अपने गुर्गे को भेजा। जब सुषमा अध्यक्ष के कार्यालय में पहुंचती है, तो वह दरवाजा बाहर से बंद कर दिया जाता है, जिससे सुषमा परेशान हो जाती है। कहानी में सत्ता के दुरुपयोग, भय, और महिलाओं के प्रति बुरी मानसिकता को उजागर किया गया है। आपातकाल और सुंदर - दूसरा भाग Ved Prakash Tyagi द्वारा हिंदी लघुकथा 59.6k 1.6k Downloads 6.2k Views Writen by Ved Prakash Tyagi Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण आपातकाल में लोग तरह-तरह के अत्याचार सह रहे थे, युवा तानाशाह के नाम पर पूरा प्रशासन और पुलिस बल युवा नेता बने गुंडों के साथ मिल कर जनता में आतंक फैला रहे थे, तब एक आशा की किरण दिखाई दी .............. More Likes This आज्ञा द्वारा Rajeev kumar पता बताते दिन द्वारा महेश रौतेला तुम हो तो सब कुछ है - भाग 1 द्वारा Ankit Khatri मेरी जिंदगी का सफर 1 द्वारा Ankit Khatri अहमदाबाद के चर्चे द्वारा Devendra Kumar एक पुरुष—सबके बीच अकेला - 1 द्वारा Aloka Patel Anime - 2 द्वारा shifa अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी