कहानी "साध्वी" एक खाली मैदान की है, जहां प्रेमी जोड़े छिपकर मिलते हैं। पहले यह जगह किसानों और चरवाहों की थी, लेकिन शहरीकरण के चलते प्रेमियों का अड्डा बन गई। विभिन्न उम्र और पारिवारिक परिस्थितियों के लोग यहां आते हैं, कुछ तो अपने परिवार से छुपकर। इस मैदान की प्रसिद्धि बढ़ने पर, एक धार्मिक मंडली, जिसमें साध्वी अन्तरा भी शामिल हैं, इसे बंद करने का निर्णय लेती है। साध्वी ने प्रेमियों को वहां से खदेड़ दिया, लेकिन प्रेमी जोड़ों ने हार नहीं मानी और फिर से लौट आए। साध्वी की कोशिशों के बावजूद, प्रेम का जज़्बा यहां जीवित रहता है। साध्वी Dharm द्वारा हिंदी लघुकथा 12.1k 2.9k Downloads 8.4k Views Writen by Dharm Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण क्या होता है जब मोहब्बत को बेकार कहने वालों को खुद ही मोहब्बत हो जाती है. जो सारे जमाने के सामने इसे बेशर्मी और संस्कृति का हनन बोलते हैं उन्हें ही मोहब्बत हो जाती है. जो साध्वी प्रेमियों की दुश्मन थी उसे भी किसी से मोहब्बत हो गयी. More Likes This मुक्त - भाग 14 द्वारा Neeraj Sharma पिता और अन्य कहानियाँ, भाग-1 द्वारा Anil Kundal Childhood Friends - Episode 3 द्वारा unknownauther सजा.....बिना कसूर की - 1 द्वारा Soni shakya प्रेरणास्पंदन - 2-3 द्वारा Bhupendra Kuldeep मंजिले - भाग 46 द्वारा Neeraj Sharma हमको ओढ़ावे चदरिया अब चलती बिरया द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी