कहानी "गुनहगार" एक राजनीतिक नेता की जनसभा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने क्षेत्र में एक विशेष पहचान रखते हैं। चुनावों के समय, उनकी प्रखर भाषण कला और उनके प्रति लोगों का उत्साह देखते ही बनता है। सभा में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं, क्योंकि नेता जी की बातें उनके दिलों को छू जाती हैं। वे अपने बचपन की यादों, अपने क्षेत्र के प्रति लगाव और अपने सरल व्यक्तित्व के बारे में बातें करते हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से वे अपने पुराने साथियों से दूर होते जा रहे हैं, लेकिन उनकी यादें और अनुभव लोगों के बीच जीवित रहते हैं। यह कहानी स्मृतियों की ताकत और राजनीतिक संबंधों की गहराई को उजागर करती है। गुनहगार Pradeep Mishra द्वारा हिंदी लघुकथा 8.2k 2k Downloads 13.4k Views Writen by Pradeep Mishra Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण Police waalon aur Netaaon ke prati janta janaardan mein humesha se ghor asantosh ka bhaav raha hai Par ek bachhe k jeevan mein inke aatmiya vyavhaar ne jo prabhaav daala wahi is kahaani ka mool tatv hai Ek police wale ke bheetar ek anjaan bachhe ke prati itna vaatsalya bhaav ka jag jana ekbaargi hume hairat mein daal deta hai Wahin ek neta ka itna janpriya hona sukhad lagta hai More Likes This उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar यादो की सहेलगाह - रंजन कुमार देसाई (1) द्वारा Ramesh Desai मां... हमारे अस्तित्व की पहचान - 3 द्वारा Soni shakya शनिवार की शपथ द्वारा Dhaval Chauhan अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी