यह कहानी जयंती रंगनाथन की है, जो अपनी डायरी के कवर पर डॉल्फिन की तरह खुश रहने और नकारात्मकता से दूर रहने का संदेश लिखी हुई हैं। वे दूसरों को सकारात्मकता का पाठ पढ़ाती हैं, लेकिन खुद अपने पति श्रीनिवास के प्रति शिकायत करती रहती हैं, जो सभी के लिए मददगार और लोकप्रिय हैं। जयन्ती ने चेन्नई में नए लोगों से मिलकर दोस्ती बनाने की कोशिश की, लेकिन भाषा और संस्कृति के अंतर के कारण उन्हें कठिनाई हुई। वे अक्सर अकेलेपन और एकरसता का अनुभव करती थीं। जयंती की मुलाकात सुरेन्द्र वर्मा से हुई, जो उत्तर भारतीय थे और उनके पति के सहयोगी थे। सुरेन्द्र की पत्नी लतिका के साथ जयंती की दोस्ती हो गई, जो घरेलू कामों में निपुण थीं, जबकि जयंती एक आधुनिक महिला थीं। कहानी में जयंती के भीतर की द्वंद्व को दर्शाया गया है, जहां वे एक ओर डॉल्फिन जैसी खुशहाल और सकारात्मक जीवन जीने की कोशिश करती हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी शिकायतें और नकारात्मकता भी स्पष्ट होती हैं। डॉलफिनें Vinita Shukla द्वारा हिंदी लघुकथा 3k 2.1k Downloads 8.4k Views Writen by Vinita Shukla Category लघुकथा पढ़ें पूरी कहानी मोबाईल पर डाऊनलोड करें विवरण कुंठा में डूबी प्रौढ़ स्त्री, दूसरी स्त्रियों को शिकार की तरह देखती है. उन्हें अपनी मीठी मीठी बातों में फंसाकर , वह उनका फायदा उठाना चाहती है. उसके इस मनोविकार का कारण क्या है- जानिये इस कहानी में. More Likes This नेहरू फाइल्स - भूल-113 द्वारा Rachel Abraham प्रतिघात: दिल्ली की वो शाम - 2 द्वारा Abantika हिकमत और कमाई द्वारा Devendra Kumar उड़ान (1) द्वारा Asfal Ashok नौकरी द्वारा S Sinha रागिनी से राघवी (भाग 1) द्वारा Asfal Ashok अभिनेता मुन्नन द्वारा Devendra Kumar अन्य रसप्रद विकल्प हिंदी लघुकथा हिंदी आध्यात्मिक कथा हिंदी फिक्शन कहानी हिंदी प्रेरक कथा हिंदी क्लासिक कहानियां हिंदी बाल कथाएँ हिंदी हास्य कथाएं हिंदी पत्रिका हिंदी कविता हिंदी यात्रा विशेष हिंदी महिला विशेष हिंदी नाटक हिंदी प्रेम कथाएँ हिंदी जासूसी कहानी हिंदी सामाजिक कहानियां हिंदी रोमांचक कहानियाँ हिंदी मानवीय विज्ञान हिंदी मनोविज्ञान हिंदी स्वास्थ्य हिंदी जीवनी हिंदी पकाने की विधि हिंदी पत्र हिंदी डरावनी कहानी हिंदी फिल्म समीक्षा हिंदी पौराणिक कथा हिंदी पुस्तक समीक्षाएं हिंदी थ्रिलर हिंदी कल्पित-विज्ञान हिंदी व्यापार हिंदी खेल हिंदी जानवरों हिंदी ज्योतिष शास्त्र हिंदी विज्ञान हिंदी कुछ भी हिंदी क्राइम कहानी