"Hii..." अंश के फोन की स्क्रीन पर नोटिफिकेशन चमक उठा। सुबह की हल्की-सी रोशनी कमरे में फैली हुई थी। अंश ने आँखें मलते हुए फोन उठाया और मैसेज पढ़ते ही उसके होंठों पर अनचाही मुस्कान आ गई। Good Morning baby ❤️ मैसेज रुद्र का था। अंश ने घड़ी की तरफ देखा — सुबह के सिर्फ 6:15 बजे थे। उसने हल्का-सा हँसते हुए टाइप किया। "पागल है क्या ये आदमी? इतनी सुबह?" रिप्लाई तुरंत आ गया, जैसे रुद्र फोन हाथ में लिए बैठा ही हो। "खुशी नहीं है।" अंश की भवें ऊपर उठ गईं। "फिर?" "तुम ऑनलाइन आ गए।"
Sirf Tumhara - 1
Part 1"Hii..."अंश के फोन की स्क्रीन पर नोटिफिकेशन चमक उठा। सुबह की हल्की-सी रोशनी कमरे में फैली हुई थी। ने आँखें मलते हुए फोन उठाया और मैसेज पढ़ते ही उसके होंठों पर अनचाही मुस्कान आ गई।Good Morning baby ️मैसेज रुद्र का था।अंश ने घड़ी की तरफ देखा — सुबह के सिर्फ 6:15 बजे थे। उसने हल्का-सा हँसते हुए टाइप किया।"पागल है क्या ये आदमी? इतनी सुबह?"रिप्लाई तुरंत आ गया, जैसे रुद्र फोन हाथ में लिए बैठा ही हो।"खुशी नहीं है।"अंश की भवें ऊपर उठ गईं।"फिर?""तुम ऑनलाइन आ गए।"अंश अपनी मुस्कान रोक नहीं पाया। उसने फोन को थोड़ा और करीब ...और पढ़े
Sirf Tumhara - 2
Part 2कॉलेज का गेट पार करते ही अंश को हमेशा वाली खुशी महसूस हुई। दिल्ली का ये प्राइवेट यूनिवर्सिटी काफी बड़ा और खूबसूरत था — हरे-भरे लॉन, आधुनिक बिल्डिंग्स और हर तरफ स्टूडेंट्स की भीड़। विहान ने कार पार्क करते हुए कहा, "आज तेरे जीजू का मूड कैसा लग रहा था? पूरा जलन पैक था या थोड़ा-बहुत?"अंश हँसा, "हमेशा वाला। अबीर के साथ कैंटीन में हँसते देख लिया था कल।""अबीर? वो सॉफ्टवेयर वाला लड़का?" विहान ने आँखें तरेरीं। "तेरा जीजू तो सच में पागल है। फ्रेंड से भी जलता है।""वो पागल नहीं, बस... बहुत प्यार करता है," अंश ने ...और पढ़े
Sirf Tumhara - 3
Part 3रुद्र की गाड़ी शहर की व्यस्त सड़कों पर तेज़ी से दौड़ रही थी। अंश खिड़की से बाहर देख था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार रुद्र के हाथ पर था जो उसकी जाँघ पर रखा हुआ था। रुद्र की उँगलियाँ हल्के-हल्के थपकियाँ दे रही थीं, जैसे ये स्पर्श उसे याद दिला रहा हो कि अंश सिर्फ़ उसका है।"सरप्राइज क्या है, बताओ ना?" अंश ने आखिरकार पूछ ही लिया, अपनी ज़िद भरी नज़रों से रुद्र को देखते हुए।रुद्र मुस्कुराया, लेकिन आँखें सड़क पर थीं। "अगर बता दिया तो सरप्राइज क्या रहा? बस इतना जान लो कि आज तुम्हारा पूरा दिन सिर्फ़ ...और पढ़े
Sirf Tumhara - 4
**Sirf Tumhara****Part 4**अंश का दिल बैठा जा रहा था। कबीर के फोन पर जो मैसेज था, उसने पूरे ग्रुप मूड खराब कर दिया था।"रुद्र के पापा का ऑफिस में कुछ बड़ा इश्यू है। पुरानी बिजनेस राइवल्री फिर से सर उठा रही है," कबीर ने गंभीर स्वर में कहा। "रुद्र ने मुझे सुबह फोन किया था। वो घर पर ही है, मीटिंग में।"अंश ने तुरंत रुद्र को मैसेज किया।**अंश:** क्या हुआ? तुम ठीक हो ना?दो मिनट बाद रिप्लाई आया।**रुद्र:** Baby, चिंता मत करो। कुछ काम का इश्यू है। शाम को मिलते हैं।लेकिन अंश जानता था कि रुद्र "कुछ" कहकर बहुत ...और पढ़े
Sirf Tumhara - 5
**Sirf Tumhara****Part 5**अंश का दिल ज़ोर-ज़ोर से धड़क रहा था। विहान का फोन कॉल सुनकर उसकी नींद पूरी तरह गई। उसने तुरंत तैयार होना शुरू किया।"क्या हुआ विहान? कौन पूछ रहा है मेरे बारे में?" अंश ने फोन पर ही पूछा, आवाज़ में चिंता साफ़ झलक रही थी।"पता नहीं यार। दो-तीन लड़के हैं, बड़े शार्प लग रहे हैं। कबीर भी यहाँ है। वो उन्हें रोक रहा है। तू जल्दी आ," विहान ने कहा और कॉल काट दिया।अंश ने रुद्र को तुरंत मैसेज किया — "कॉलेज में कुछ लड़के मेरे बारे में पूछ रहे हैं। मैं जा रहा हूँ।" लेकिन ...और पढ़े
Sirf Tumhara - 6
**Sirf Tumhara****Part 6**रुद्र की मुट्ठियाँ इतनी जोर से भींची हुई थीं कि उसके हाथों की नसें उभर आई थीं। के गेट पर खड़े वो दो लड़के अब भी मुस्कुरा रहे थे, जैसे जानबूझकर उकसा रहे हों। अंश ने रुद्र का हाथ पकड़ लिया, उसकी उँगलियाँ ठंडी पड़ गई थीं।"रुद्र... शांत हो जाओ," अंश ने धीमी लेकिन दृढ़ आवाज़ में कहा। "यहाँ कॉलेज है। सीन मत क्रिएट करो।"रुद्र ने गहरी साँस ली। उसकी आँखें उन लड़कों पर जमी हुई थीं। "तुम दोनों यहाँ क्या कर रहे हो? अंश से दूर रहो।"पहला लड़का, जिसका नाम बाद में पता चला कि विक्रम ...और पढ़े