इश्क़ आख़िरी - 9 Harshali द्वारा प्रेम कथाएँ में हिंदी पीडीएफ

इश्क़ आख़िरी - 9

आकाश उस जाती हुई कार को तब तक देखते रहता है जब तक की वो उसकी आंखों से ओझल नहीं हो जाती , कार में बैठी हुई अमृता कार के साइड मिरर से , खड़े हुए आकाश को देख रही थी उसके चेहरे पर अनजाने में एक मुस्कान आ जाती है ।

शाम को अमृता मानव और सोनाली घर आ जाते है । तभी हॉल में बैठे दादा दादी ने अमृता से पूछा , अरे बेटा देख लिया बनारस कैसा लगा ? और कहा कहा गए थे ? तभी अमृता ने दादी के बगल में बैठते हुए कहा , " दादी बनारस तो बहुत ही खूबसूरत है , ऐसा लगता है की बस देखते ही रहे , आज हमने काशी विश्वनाथ मंदिर और मणिकर्णिका घाट देखा अमृता ने बहुत खुश होते हुए कहा । अच्छा ठीक है, चलो अब तुम तीनों फ्रेश हो जाओ और नीचे आ जाना दादा ने अमृता मानव और सोनाली से कहा ।

माँ आपको पता है वो नरेन जी , पापा ने और आपने जिसको बिज़नेस बिल्ड करने में मदत की थी , अभी उनका कॉल आया था उन्नोने अपने बिजनेस की और एक ब्रांच ओपन की है तो उसके लिए ही कल पूजा रखी है और हम सबको बुलाया है , पर गोविंद की कल मीटिंग है इसलिए वो वहा नहीं जा सकते , मानव और सोनाली अमृता को बनारस दिखाने वाले है और आकाश भी नहीं आ पाएगा तो बचे हम तीनों, में आप और पापा ही चलते है ना ? राधा ने दादी से पूंछा । हाँ बेटा जरूर जायेंगे कल सुबह जाना है ना ठीक है मैं तुम्हारे पापा को बता के आती हूं , बोलकर दादी वहा से चली जाती है । तभी ये सारी बातें दूर खड़ा मानव सुन लेता है । और सोनाली के रूम की और चल देता है । दीदी आपको पता है कल दादा दादी और माँ उनके किसी फ्रेंड के वहा पूजा के लिए जाने वाले है मानव सोनाली से कहता है । हां तो ? सोनाली मानव को सवाल करती है । अरे दीदी आपको भी ना इन डिटेल सब समझाना पड़ता है , देखो कल दादा दादी, माँ घर नही है पापा भी नहीं है । तो हम एक प्लान तैयार करते है देखो आप सुबह भाई से बोलना की मुझे अमर से मिलने जाना है बहुत इंपोर्टेंट काम है और मैं कहूंगा कि मेरा बहुत सारा काम पेंडिंग है ऑफिस में और मैं ऑफिस के लिए निकल जाऊंगा । तो घर में कौन बचे ? अमृता और भाई , उनको थोड़ा टाइम मिलेगा ना एक दूसरे के साथ , मानव ने सब इन डिटेल सोनाली को बताते हुए कहा । अरे वाह वाह कहा से सीखा ये सब ! सोनाली ने मानव से कहा । हां आपको भी सीखादूंगा डोंट वरी चलिए अभी डिनर के लिए भी तो जाना है ना , और साथ में अमृता को भी लेकर चलते है मानव ने सोनाली से कहा और वो दोनो रूम से बाहर आ गए ।

अमृता चलो डिनर के लिए जाना है मानव ने अमृता के रूम के बाहर से उसको आवाज देते हुए कहा । हां तुम दोनों चलो मैं दस मिनट में आती हूं आई बाबा को कॉल करना है , अमृता ने उन दोनों से कहा फिर मानव और सोनाली वहा से चले जाते है । कुछ देर बाद अमृता नीचे खाना खाने आ जाती है तभी वो नोटिस करती है की आकाश कही दिख नहीं रहा , आकाश अभी तक आया नहीं ? अमृता ने पूंछा । नहीं वो ऑफिस में पेंडिंग काम था ना वो कर रहा होगा , बारा एक बजे तक आ जायेगा , मानव ने अमृता से कहा । अमृता सॉरी पर आज हम सबको जल्दी सोना होना वो कल मुझे मां और पापा को एक फ्रेंड के घर पूजा के लिए जाना है , मुझे तुमसे ढेर सारी बाते करनी थी लेकिन.... आय एम सो सॉरी बेटा! कल पक्का हम सारे मिलकर खुब बाते करेंगे , राधा ने अमृता से कहा । अरे नही नही आंटी कोई बात नही मैं भी समझती हूं आप बहुत बिजी रहते हो ना , कोई बात नही हम कल रात बातें करेंगे आप अभी जल्दी से सो जाना, कल जल्दी उठना भी तो पड़ेगा ना ! अमृता ने राधा से बड़े प्यार से कहा , राधा इस बात पर मुस्कुरादी । और फिर सभी लोग अपने अपने रूम में सोने के लिए चले गए ।

अमृता अपने रूम में गई और अपनी डायरी निकाली, और कल बनारस आने के बाद की सारी बातें उस डायरी में लिखने लगी , अमृता को ये हैबिट थी की वो रोज डायरी लिखा करती थी , लेकिन कल थकावट के कारण वो लिख नहीं पाई । लिखते लिखते वो सारे पल जो उसने बनारस आने के बाद जिए थे वो उन सब को फील कर पा रही थी , लिखते लिखते उसको आकाश से जुड़ी वो सारी बातें याद आती है , वो सारे छोटे छोटे पल जिसमें आकाश उसके साथ था । और अनजाने में अमृता के चेहरे पर एक स्माइल आ जाती है । डायरी लिखने के बाद अमृता बेड पर लेट जाती है लेकिन नींद उसके आंखों से कोसो दूर होती है । क्यों ना मैं एक नॉवेल पढ़ लूं ! नींद भी आ जायेगी और टाइम पास भी होगा , अमृता ने मन में सोचा । अमृता ने नॉवेल पढ़ना स्टार्ट किया और देखते ही देखते वो नींद के आगोश में चली गई । आकाश अपने रूम के और जा रहा था , तभी उसकी नजर फिर से अमृता के रूम की और गई , उसने देखा तो अमृता चेहरे पर किताब रख कर ही सो गई थी , अमृता उस वक्त बिल्कुल किसी बच्चे के तरह मासूम लग रही थी । ना चाहते हुए भी आकाश के कदम अमृता की और बढ़ने लगे , जैसे जैसे वो कमरे में एंटर कर रहा था आकाश के हार्ट बिट्स बहुत तेजी से चल रहे थे । आकाश ने अपने दिल पे हाथ रख कर मन में सोचा , ये मेरा दिल इतनी जोरों से क्यों धड़क रहा है ,आकाश ने एक नजर अमृता की और देखा , कमरे की लाइट्स अभी भी जल रही थी ।

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Rupa Soni

Rupa Soni 3 महीना पहले

Maahi Wonted

Maahi Wonted 4 महीना पहले

Preeti G

Preeti G 4 महीना पहले