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"कुछ चाय वाय पी हो कि नहीं?-सुबह उठते ही रियाज़ करने बैठ जाती हो ब...
35- फेरों पर साची अजीब सी उत्सुकता से शीनोदा और रंजु क...
भट्ठी में पौधाकमल चोपड़ाघर तक आते-आते रास्ते में राशनवाले, किरोसिनवाले और दवाई...
ऋगुवेद सूक्ति-- (४१) की व्याख्या ऋगुवेद सूक्ति--"आर्य ज्योतिरग्रा:"ऋगुवेद-७/३३/७...
अनाया के घर का हाल...उसी दिन सुबह से अनाया के घर पर...शारदा जी बार-बार अनाया...
महाभारत की कहानी - भाग-२२६ कृष्ण की द्वारकायात्रा और मरुभूमि निवासी उतंक की कथा...
सुबह 8:00 बजे, ब्रेकफास्ट हॉलनाश्ते का टाइम था। मेहरीश अपनी प्लेट में देख रही थी...
कुछ देर बाद रूम का दरवाज़ा खुला…हम सबकी नज़रें एक साथ उसी तरफ उठ गईं…एक डॉक्टर ब...
राधा का संगम - प्रकरण 5 " तुम्हारे साथ क्य...
कुंम्भन की बात सुनकर मांतक कहता है--> मित्र क्या ये संभव है के एक देत्य कन्या को...
दुनिया की 7 सबसे डरावनी फिल्में Part 1: The Exorcist (1973) चेतावनी: यह सिर्फ एक फिल्म नहीं… एक अनुभव है रात के 2:47 बजे का समय था। कमरे में हल्की-सी हवा चल रही थी। मो...
Karan Thakur उम्र (26) – शांत, समझदार, काबिल AI इंजीनियर। Kabir Thakur उम्र (25) – चुलबुला, मासूम, तेज दिमाग वाला AI डेवलपर। Shreya Sharma उम्र (23) – सरल, भोली, सुंदर AI इंज...
"रात 3:12 बजे की दस्तक" — इस सीरीज के हर एपिसोड में आपको मिलेगी एक बिल्कुल नई और रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी। एपिसोड 1: रात 3:12 बजे की दस्तक रात का सन्नाटा इतना गह...
एपिसोड 1: रिश्तों की नीलामीशहर की रफ़्तार शाम ढलते ही और तेज़ हो गई थी, लेकिन 'खन्ना मेंशन' के भीतर वक्त जैसे ठहर गया था। यह घर नहीं, संगमरमर से बना एक आलीशान ताबूत लगता था...
"नहीं! ऐसा मत करो, छोड़ दो please..... जाने दो! नहीं! नहीं!" "रात्रि उठ! ऐसा कहकर मेघा (रात्रि की मां) ने रात्रि को झकझोर दिया। कितनी बार कहा है इस लड़की को की छोड़...
अस्पताल के उस वीरान कमरे में चारों ओर सफेद दीवारों का सन्नाटा पसरा हुआ था। केवल मशीनों की 'बीप-बीप' की आवाज़ उस सन्नाटे को चीर रही थी। रिया ने बहुत धीरे से अपनी पलकें झपकाई...
उस वक़्त मैं तीन साल का था, मेरा बड़ा भाई सुखेश पांच साल का था औऱ मेरी छोटी बहन भाविका केवल छह महिने की थी. उस वक़्त मेरी मा असाध्य बीमारी का शिकार हो गई थी. उन्हें कांदिव...
मित्रों ! प्रणाम जीवन की गति बहुत अदभुत है | कोई नहीं जानता कब? कहाँ?क्यों? हमारा जीवन अचानक ही बदल जाता है ,कुछ खो जाता है ,कुछ तिरोहित हो जाता है |हम एक आशा की प्रतीक्षा में खड़े...
आधी रात का समय था, पर शहर कभी सोता नहीं था। एम्स के तेरहवीं मंजिल के ऑपरेशन थियेटर की चमचमाती लाइटें अब धुंधली पड़ने लगी थीं। डॉ. आर्यन वर्मा ने अपने हाथों के लेटेक्स दस्ताने उतारक...
नष्ट होती पृथ्वी और जीवन के लिए संघर्ष करती मानव जाति। यह एक काल्पनिक कहानी है, जिसे मैंने बहुत सोच समझ कर लिखा है। लेकिन अगर समय रहते, प्रकृति को नहीं बचाया गया। तो भविष्य में...
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