देहरादून-Famoud Bar Clubदेहरादून का फेमस बार क्लब, यहां पर ऐसा कोई काम नहीं था, जो नहीं होता था। स्मगलिंग, ड्रग्स डीलिंग और भी ऐसे बहुत से इल्लीगल काम होते थे। बाहर से देखने में यह बार नॉर्मल लगता था। लोग यहां पर आकर चिल आउट करते थे, मस्ती करते थे, गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड टाइम स्पेंड करते थे, लोग ड्रिंक करते थे, बट इसकी सच्चाई कुछ ओर ही थी। यहां पर इल्लीगल काम इतनी सफाई से किए जाते थे कि किसी को कानो कान खबर नहीं होती थी।यह बार क्लब इतना बड़ा था कि यहां पर स्पेशल गेस्ट को वीआईपी रूम प्रोवाइड
Full Novel
Mafia's Possession - Chapter 1
देहरादून-Famoud Bar Clubदेहरादून का फेमस बार क्लब, यहां पर ऐसा कोई काम नहीं था, जो नहीं होता था। स्मगलिंग, डीलिंग और भी ऐसे बहुत से इल्लीगल काम होते थे। बाहर से देखने में यह बार नॉर्मल लगता था। लोग यहां पर आकर चिल आउट करते थे, मस्ती करते थे, गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड टाइम स्पेंड करते थे, लोग ड्रिंक करते थे, बट इसकी सच्चाई कुछ ओर ही थी। यहां पर इल्लीगल काम इतनी सफाई से किए जाते थे कि किसी को कानो कान खबर नहीं होती थी।यह बार क्लब इतना बड़ा था कि यहां पर स्पेशल गेस्ट को वीआईपी रूम प्रोवाइड ...और पढ़े
Mafia’s possession chapter 2
अब तकतभी उस आदमी ने उस के कपड़ों को उसके बदन से अलग कर दिया और बेड के नीचे दिया। उसने फ़ना के हाथों को बेल्ट से बांध दिया। वह अब कुछ भी नहीं कर पा रही थी। वह बस अपनी गर्दन ना में हिलाते हुए रोए जा रही थी। उस आदमी ने जैसे ही अपने शर्ट के बटन खोलने स्टार्ट किए, फ़ना को ऐसा लगा, जैसे आज वह कहीं की नहीं रह जाएगी। वह खुद की इज्जत को बचाने के लिए उस आदमी से भीख मांग रही थी।लेकिन वह 6 फुट 3 इंच का आदमी 19 साल की ...और पढ़े
Mafia’s possession chapter 3
अब तकफ़ना नींद में ही अपने मॉम डैड को बुला रही थी और उसका शरीर अभी भी कांप रहा उसने फ़ना के चेहरे को देखा, जिस पर उंगलियों के काले निशान छपे हुए थे।फ़ना का बुखार पूरी तरीके से उतर गया था। निशा अभी तक सदमे में थी। उसने देखा कि फ़ना सो गई। इसलिए वह जल्दी से फ़ना के लिए कुछ कुक करने लगी। अचानक से ही फ़ना नींद में जोर-जोर से चिल्लाने लगी। "मुझे छोड़ दो, मुझे जाने दो, आई एम सॉरी, मैं कभी आपको अपनी शक्ल नहीं दिखाऊंगी, प्लीज, छोड़ दीजिए मुझे, हर्ट हो रहा है, ...और पढ़े
Mafia’s possession chapter 4
अब तकवही फ़ना एक कोने में बैठकर अपना मुंह दबाकर जोर-जोर से रो रही थी। उसका शरीर अभी भी की वजह से थर-थर कांप रही थी। फ़ना उस बार क्लब से भाग जाती है। जब वह घर पहुंची तो बेड पर गिरते ही, वह जोर-जोर से रोते हुए बस यही बोल रही थी कि मम्मा पापा आप कहां चले गए मुझे छोड़कर, मुझे भी अपने साथ ले चलते.।उसके पेट में इतना तेज दर्द होने लगा था गिरने की वजह से कि वह सांस नहीं ले पा रही थी।फ़ना नहीं जानती थी कि आने वाली जिंदगी उसकी ओर दर्दनाक होने ...और पढ़े
Mafia’s possession chapter 5
अब तकमिस्टर विक्रम जबरदस्ती फ़ना को वाइन पिला दिए। जिससे फ़ना का गला जलने लगा और कड़वाहट के कारण खांसी आने लगी। विक्रम भारद्वाज फ़ना के साथ बिल्कुल भी नरम नहीं थे। वह डर से कांप रही थी, उनकी गोद में बैठी बैठी।मिस्टर भारद्वाज ने एक बार फिर से फ़ना के गाल पर अपने होंठ रख दिए।उसके बाद उन्होंने फ़ना की गर्दन पर जैसे ही अपनी उंगलियां फैरी, फ़ना ने धीरे से कहा, " सर"अब आगे-मिस्टर भारद्वाज ने जैसे ही फ़ना की सुराही दार गर्दन पर अपनी उंगलियों को फेरना स्टार्ट किया, फ़ना ने सहमते हुए धीरे से कहा, ...और पढ़े
Mafia’s possession chapter 6
अब तकफना के हाथ में ड्रिंक की बोतल थी। मिस्टर भारद्वाज बार-बार फ़ना की गर्दन पर किस कर रहे और लव बाइट का निशान दे रहे थे उसे। जब भी वह अपनी ड्रिंक का एक गिलास खत्म करते, वह फ़ना की गर्दन पर जोर से काटते।जिससे फ़ना की आह निकल जाती। लग रहा था जैसे मिस्टर भारद्वाज को फ़ना को परेशान करके मजा आ रहा हो।फ़ना को यह समझ नहीं आ रहा था कि मिस्टर भारद्वाज ने उसके कपड़े क्यों चेंज करवा दिए। वही रमन गुस्से से आग बबूला हो गया था। फ़ना मिस्टर भारद्वाज की प्रॉपर्टी थोड़ी है, ...और पढ़े