रिटर्न ऑफ़ द किंग

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सुनसान सड़क पर एक काली एसयूवी स्थिर गति से आगे बढ़ रही थी। कार की रफ्तार लगभग चालीस किलोमीटर प्रति घंटा रही होगी। इंजन की धीमी घरघराहट और टायरों की सड़क पर रगड़ खाने की आवाज़ के अलावा चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा था, मानो पूरी दुनिया ने कुछ देर के लिए सांस रोक रखी हो।शाम ढलने लगी थी। आसमान पर हल्का नारंगी रंग धीरे-धीरे बैंगनी होने लगा था। दूर क्षितिज के पास सूरज आधा डूब चुका था। सड़क के दोनों ओर फैले खेतों पर शाम की सुनहरी रोशनी पड़ रही थी, जो कुछ ही देर में अंधेरे में बदलने वाली थी।यह शहर का बाहरी इलाका था। यहां ट्रैफिक नाम मात्र का था।

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रिटर्न ऑफ़ द किंग - 1

सुनसान सड़क पर एक काली एसयूवी स्थिर गति से आगे बढ़ रही थी। कार की रफ्तार लगभग चालीस किलोमीटर घंटा रही होगी। इंजन की धीमी घरघराहट और टायरों की सड़क पर रगड़ खाने की आवाज़ के अलावा चारों ओर ऐसा सन्नाटा पसरा था, मानो पूरी दुनिया ने कुछ देर के लिए सांस रोक रखी हो।शाम ढलने लगी थी।आसमान पर हल्का नारंगी रंग धीरे-धीरे बैंगनी होने लगा था। दूर क्षितिज के पास सूरज आधा डूब चुका था। सड़क के दोनों ओर फैले खेतों पर शाम की सुनहरी रोशनी पड़ रही थी, जो कुछ ही देर में अंधेरे में बदलने वाली ...और पढ़े

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रिटर्न ऑफ़ द किंग - 2

कैफ़े में हल्की-हल्की कॉफी की महक फैली हुई थी। चारों ओर धीमा इंस्ट्रूमेंटल संगीत वातावरण को और भी सुकूनभरा रहा था। कुछ लोग अपने लैपटॉप पर काम करने में व्यस्त थे, तो कुछ अपने दोस्तों के साथ हँसी-मज़ाक कर रहे थे। बाहर शीशे की बड़ी-बड़ी खिड़कियों से आती सुनहरी धूप पूरे हॉल में एक गर्माहट बिखेर रही थी।एक कोने की टेबल पर बैठा युवक अनमने ढंग से आसपास नज़र दौड़ा रहा था। तभी उसकी निगाह अचानक सामने बैठी एक लड़की पर जाकर ठहर गई।लड़की पूरी तरह अपनी किताब में डूबी हुई थी। उसकी आँखों पर हल्के फ्रेम का चश्मा ...और पढ़े

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रिटर्न ऑफ़ द किंग - 3

दोनों बिना एक शब्द बोले इमारत के भीतर प्रवेश कर गए।अधूरी बिल्डिंग के अंदर चारों तरफ सीमेंट की गंध हुई थी। कहीं लोहे की सरियों के ढेर पड़े थे, तो कहीं ईंटों और मलबे का अंबार लगा हुआ था। टूटी हुई खिड़कियों से आती तेज़ हवा की आवाज़ पूरे माहौल को और भी डरावना बना रही थी।युग ने अपनी कलाई पर बंधी घड़ी की तरफ देखा।"हम पाँच मिनट पहले पहुँच गए हैं। अगर सामने वाला वक्त का पाबंद हुआ तो अभी तक आ जाना चाहिए था।"शिव ने कोई जवाब नहीं दिया। उसकी तेज़ नज़रें पूरे परिसर का निरीक्षण कर ...और पढ़े

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रिटर्न ऑफ़ द किंग - 4

सुनसान सड़क पर काली एसयूवी तेज़ रफ्तार से दौड़ी चली जा रही थी। रात पूरी तरह उतर चुकी थी। के दोनों ओर फैले घने पेड़ हेडलाइट की रोशनी में कुछ पल के लिए चमकते और फिर अंधेरे में गुम हो जाते।गाड़ी के अंदर असामान्य खामोशी पसरी हुई थी।कुछ देर पहले हुई भिड़ंत के निशान दोनों के शरीर पर साफ दिखाई दे रहे थे। देव के माथे के पास हल्की-सी खरोंच थी, जिससे सूखता हुआ खून अभी भी दिखाई दे रहा था। उसकी दाईं बाँह पर भी लोहे की रॉड का वार पड़ा था, जिसकी वजह से कपड़ा फट चुका ...और पढ़े

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