इश्क़ का इलाका

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आरा, बिहार। सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह राजपूत परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी। आँगन में दादी माँ चारपाई पर बैठी तुलसी में पानी डाल रही थीं। तभी अंदर से तेज आवाज़ आई “दादी! मेरी नीली साड़ी कहाँ है?!” दादी ने बिना ऊपर देखे कहा “अलमारी में होगी। हमका का पता.” दो मिनट बाद आराध्या गुस्से में बाहर आई। “मिली नहीं.” “तो दूसरी पहन ले.” “नहीं. वही पहननी है.” दादी हँस पड़ीं। “हे भगवान… तेरे अंदर बचपन से जिद कूट-कूट के भरा है.”

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इश्क़ का इलाका - 1

आरा, बिहार।सुबह का समय था। मोहल्ले में कहीं भजन चल रहा था, कहीं दूधवाला आवाज़ लगा रहा था। सिंह परिवार के बड़े घर में भी रोज़ की तरह हलचल शुरू हो चुकी थी।आँगन में दादी माँ चारपाई पर बैठी तुलसी में पानी डाल रही थीं। तभी अंदर से तेज आवाज़ आई“दादी! मेरी नीली साड़ी कहाँ है?!”दादी ने बिना ऊपर देखे कहा “अलमारी में होगी। हमका का पता.”दो मिनट बाद आराध्या गुस्से में बाहर आई।“मिली नहीं.”“तो दूसरी पहन ले.”“नहीं. वही पहननी है.”दादी हँस पड़ीं। “हे भगवान… तेरे अंदर बचपन से जिद कूट-कूट के भरा है.”आराध्या ने मुँह बनाया और उनके ...और पढ़े

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इश्क़ का इलाका - 2

सिवान, बिहार।सुबह के नौ बजे थे।आज शहर में security थोड़ी ज्यादा थी। कई जगह पुलिस खड़ी थी। बड़े-बड़े पोस्टर थे। लोग भी समझ रहे थे कि कुछ बड़ा होने वाला है।कारण सिर्फ एक थारणविजय ठाकुर।सिवान में उसका नाम अलग तरीके से लिया जाता था।लोग कहते थे“ठाकुर साहेब।”बस।नाम सुनते ही सामने वाला समझ जाता था किसकी बात हो रही है।शहर के बाहर उसकी हवेली थी।बड़ी। पुरानी। और पूरी security में।बाहर काली SUVs खड़ी थीं। अंदर staff लगातार इधर-उधर भाग रहा था।Dining hall में रणविजय बैठा था।सफेद कुर्ता। Sleeves हल्की folded। हाथ में black watch। सामने laptop खुला था।सामने खड़े थे ...और पढ़े

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इश्क़ का इलाका - 3

पटना।बिहार की राजधानी।उस रात शहर के सबसे बड़े बैंक्वेट हॉल में शादी थी।सिन्हा जी की बेटी की शादी।पुराने नेता। नाम। इसलिए शादी में नेता, अफसर, बिज़नेसमैन — सब आए हुए थे। बाहर मीडिया भी खड़ी थी और सिक्योरिटी भी काफी थी।पूरा हॉल रोशनी से भरा हुआ था।गेंदे के फूल। बड़ा स्टेज। ऑर्केस्ट्रा। खाने की लंबी लाइनें। हर तरफ लोग ही लोग।ऑर्केस्ट्रा पर भोजपुरी गाना चल रहा था “नजरिया ना लागे… ए राजा नजरिया ना लागे…” आराध्या हॉल में दाखिल हुई।उसने हल्के गुलाबी रंग की साड़ी पहनी थी। बालों में साधारण सी चोटी। कानों में छोटी बालियाँ। चेहरे पर बस ...और पढ़े

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